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Santan Gopal Mantra: Lyrics in Hindi, Meaning & Jaap Vidhi

  • Pavitr Mantra
  • September 28, 2026
  • 2 min read
Santan Gopal Mantra: Lyrics in Hindi, Meaning & Jaap Vidhi

The Santan Gopal mantra is a prayer to Bal Krishna, the child form of Bhagwan Vishnu, chanted by couples who long for a child. If you have landed on this page, you may be carrying a quiet ache that you don’t talk about at family functions. I want to start by saying: you are not alone, and there is nothing to be ashamed of.

In many North Indian and Gujarati homes, when a couple is waiting for good news, the elders bring home a small Laddu Gopal, put him in a little jhoola, and ask the daughter-in-law and son to chant this mantra together every morning. It is a very tender practice. You look after Kanha like your own baby, and pray that your home is blessed with one.

One important note first: this mantra is a spiritual prayer and is not a substitute for medical treatment. Please keep consulting your doctor. Faith and treatment can walk together.

Santan Gopal Mantra Lyrics | संतान गोपाल मंत्र

यह श्लोक सबसे ज़्यादा प्रचलित रूप है, जिसे कोई भी श्रद्धा से बोल सकता है।

देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते।
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥

संतान गोपाल मंत्र अर्थ सहित

अर्थ: हे देवकी के पुत्र, हे गोविंद, हे वासुदेव, हे जगत के स्वामी! हे कृष्ण, मुझे संतान प्रदान कीजिए। मैं आपकी शरण में आया हूँ।

Transliteration: Devakisuta Govinda Vasudeva Jagatpate, Dehi Me Tanayam Krishna Tvamaham Sharanam Gatah.

संस्कृत में “तनय” शब्द का सीधा अर्थ पुत्र है। पर आज अधिकतर परिवार इस मंत्र को एक स्वस्थ संतान की प्रार्थना के रूप में बोलते हैं, बेटा हो या बेटी। कान्हा से यही माँगिए कि जो भी आए, स्वस्थ आए।

आखिरी पंक्ति “त्वामहं शरणं गतः” पर ध्यान दीजिए। यह माँगने से ज़्यादा समर्पण का मंत्र है। “मैं आपकी शरण में हूँ।” जब मन थक जाए, तो बस यही पंक्ति दोहराइए।

Santan Gopal Mool Mantra | बीज सहित संतान गोपाल मंत्र

पूजा-पुस्तकों में इसी श्लोक का बीज अक्षरों वाला रूप भी मिलता है, जिसका प्रयोग बड़े अनुष्ठान में किया जाता है:

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द
वासुदेव जगत्पते।
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥

अर्थ: अर्थ वही है जो ऊपर दिया गया है। “श्रीं, ह्रीं, क्लीं, ग्लौं” बीज अक्षर हैं। इनका शब्दार्थ नहीं होता, परंपरा में इन्हें मंत्र की शक्ति का ध्वनि-रूप माना जाता है, इसलिए इनका उच्चारण किसी जानकार से सीख लेना अच्छा है।

रूप किसके लिए रोज़ की संख्या
श्लोक (बिना बीज) रोज़ की घरेलू पूजा, पति-पत्नी दोनों 11, 21 या 108
बीज सहित मूल मंत्र संकल्प वाला अनुष्ठान, आचार्य की सलाह से आचार्य जितना बताएँ

Santan Gopal Mantra Image | संतान गोपाल मंत्र इमेज

इस Santan Gopal mantra image को save या download करके अपने फोन में या लड्डू गोपाल के पास रख लें, ताकि जप के समय पाठ सामने रहे।

संतान गोपाल मंत्र - santan gopal mantra image
संतान गोपाल मंत्र – santan gopal mantra image — image पर क्लिक करके download करें

संतान गोपाल मंत्र जाप विधि

कब शुरू करें

गुरुवार, किसी भी एकादशी, या जन्माष्टमी का दिन शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है। साल की दो पुत्रदा एकादशी (श्रावण और पौष मास में) पर भी बहुत लोग यह संकल्प लेते हैं।

पति-पत्नी साथ बैठें

संभव हो तो दोनों साथ जप करें। अगर ऑफिस के कारण समय अलग है, तो कोई बात नहीं, दोनों अपने-अपने समय पर करें। संकल्प दोनों का एक होना चाहिए।

पूजा का क्रम

  1. सुबह स्नान करके लड्डू गोपाल या बाल कृष्ण की तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएँ।
  2. उन्हें पीले वस्त्र पहनाएँ और तुलसी दल चढ़ाएँ। तुलसी के बिना कृष्ण का भोग अधूरा माना जाता है।
  3. माखन-मिश्री का भोग लगाएँ।
  4. तुलसी की माला से मंत्र का जप करें। रोज़ 108 से शुरू करना अच्छा है।
  5. जप के बाद कान्हा को झूला झुलाएँ और मन की बात उनसे बच्चे की तरह कहिए।

कई परिवारों में इसके साथ हरिवंश पुराण की कथा सुनने की परंपरा भी है। अगर किसी पंडित जी से सवा लाख जप का अनुष्ठान करवाना चाहें, तो अपने कुल पुरोहित से सलाह लें।

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बाल गोपाल ही क्यों?

कृष्ण को “गोपाल” कहा जाता है, और माँ यशोदा व नंद बाबा ने उन्हें अपने बेटे की तरह पाला, भले ही जन्म देवकी की कोख से हुआ था। इसीलिए संतान की कामना रखने वाले दंपति उनके बाल रूप की उपासना करते हैं। मंत्र में “देवकीसुत” शब्द इसी कथा की याद दिलाता है। भाव यह है कि जो कान्हा दो माताओं की गोद भर सकते हैं, वे हमारी भी सुनेंगे।

Santan Gopal Mantra Benefits | संतान गोपाल मंत्र के फायदे

  • भक्तों का विश्वास है कि बाल गोपाल की उपासना से संतान सुख का आशीर्वाद मिलता है।
  • इंतज़ार के कठिन दिनों में मन को सहारा और धैर्य मिलता है।
  • पति-पत्नी साथ पूजा करते हैं तो आपसी जुड़ाव बढ़ता है। यह बात छोटी लगती है, पर बहुत मायने रखती है।
  • गर्भावस्था के दौरान भी कई महिलाएँ शिशु के मंगल के लिए यह मंत्र सुनती और बोलती हैं।

नियम और कुछ दिल की बातें

  • जप के दिनों में सात्विक भोजन करें और घर में कलह से बचें।
  • किसी भी “गारंटी” वाले उपाय या महंगे ताबीज़ के झांसे में न आएँ।
  • डॉक्टर की दवा और सलाह बंद न करें। मंत्र मन के लिए है, इलाज शरीर के लिए।
  • रिश्तेदारों के तानों को अपनी पूजा में न आने दें। यह आपके और कान्हा के बीच की बात है।

FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

संतान गोपाल मंत्र कितने दिन करना चाहिए?

कोई तय नियम नहीं है। बहुत से दंपति 40 दिन या तीन महीने का संकल्प लेते हैं, और कुछ इसे रोज़ की पूजा का हिस्सा बना लेते हैं।

Can only the wife chant the Santan Gopal mantra?

Either partner can chant it alone, but traditionally it is considered better if both husband and wife chant it together with one sankalp.

क्या संतान गोपाल मंत्र के लिए लड्डू गोपाल ज़रूरी है?

ज़रूरी नहीं है। बाल कृष्ण की कोई भी तस्वीर पर्याप्त है। लड्डू गोपाल रखने पर उनकी रोज़ सेवा करनी होती है, इसलिए यह अपनी सुविधा देखकर तय करें।

क्या IVF या इलाज के साथ यह मंत्र जप सकते हैं?

हाँ। बहुत से दंपति इलाज के साथ-साथ प्रार्थना करते हैं। मंत्र जप चिकित्सा का विकल्प नहीं है, लेकिन यह मन को शांत और आशावान रखने में मदद कर सकता है।

गर्भावस्था में यह मंत्र बोल सकते हैं?

हाँ, शिशु के स्वास्थ्य और सुरक्षित प्रसव की प्रार्थना के भाव से कई महिलाएँ इसे बोलती या सुनती हैं। आराम से बैठकर या लेटकर भी सुन सकती हैं।

कान्हा आपके आँगन में जल्द किलकारी गूंजाएँ। जय श्री कृष्ण।

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Pavitr Mantra

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