Tulsi mantra is probably the first mantra many of us learnt without knowing it was a mantra at all. In my nani’s house in Varanasi, the day began with a lota of water at the tulsi chaura in the aangan, and she would softly say a short shloka while pouring it. Years later I realised that shloka was the Tulsi jal arpan mantra, the same one countless women chant every morning across India.
For Hindu families, Tulsi is not just a plant. She is worshipped as Vrinda Devi, dear to Lord Vishnu, and no bhog for Vishnu or Krishna is considered complete without a tulsi leaf on it. Kartik month makes her even more special, because it ends with Tulsi Vivah, the symbolic wedding of Tulsi with Shaligram ji.
Below you will find the main tulsi mantras in Hindi (jal chadhane ka mantra, patte todne ka mantra and the Tulsi Namashtak), their meaning, a simple daily puja vidhi, the Tulsi Vivah 2026 date and the small rules our elders always insisted on.
विषय सूची | Table of Contents
Tulsi Mantra Lyrics | तुलसी जल अर्पण मंत्र
सुबह स्नान के बाद तुलसी जी को जल चढ़ाते समय यही मंत्र सबसे ज़्यादा बोला जाता है:
महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी।
आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसि त्वं नमोऽस्तु ते॥
अर्थ: हे तुलसी माता, आप महाप्रसाद की जननी हैं (क्योंकि आपके पत्ते के बिना भगवान का भोग पूरा नहीं होता) और हर प्रकार के सौभाग्य को बढ़ाने वाली हैं। आप मन की चिंता (आधि) और शरीर के कष्ट (व्याधि) को सदा दूर करती हैं। हे तुलसी, आपको नमस्कार है।
Transliteration: Mahaprasad Janani Sarva Saubhagya Vardhini, Aadhi Vyadhi Hara Nityam Tulasi Tvam Namostu Te.
तुलसी ध्यान मंत्र | Tulsi Puja Mantra
शाम को दीपक जलाकर हाथ जोड़ते समय यह मंत्र बोला जाता है:
देवी त्वं निर्मिता पूर्वमर्चितासि मुनीश्वरैः।
नमो नमस्ते तुलसि पापं हर हरिप्रिये॥
अर्थ: हे देवी, आपकी रचना बहुत पहले हुई और बड़े-बड़े मुनियों ने आपकी पूजा की है। हे हरि की प्रिय तुलसी, आपको बार-बार नमस्कार है, मेरे पापों को हर लीजिए।
तुलसी पत्ता तोड़ने का मंत्र
मातस्तुलसि गोविन्दहृदयानन्दकारिणि।
नारायणस्य पूजार्थं चिनोमि त्वां नमोऽस्तु ते॥
अर्थ: हे माता तुलसी, आप गोविंद के हृदय को आनंद देने वाली हैं। मैं नारायण की पूजा के लिए आपके पत्ते चुन रहा/रही हूँ, आपको नमस्कार है।
तुलसी नामाष्टक | Tulsi Ke 8 Naam
वृन्दा वृन्दावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी।
पुष्पसारा नन्दिनी च तुलसी कृष्णजीवनी॥
एतन्नामाष्टकं चैव स्तोत्रं नामार्थसंयुतम्।
यः पठेत्तां च सम्पूज्य सोऽश्वमेधफलं लभेत्॥
अर्थ: वृंदा, वृंदावनी, विश्वपूजिता, विश्वपावनी, पुष्पसारा, नंदिनी, तुलसी और कृष्णजीवनी, ये तुलसी माता के आठ नाम हैं। जो व्यक्ति तुलसी जी की पूजा करके अर्थ सहित इन आठ नामों का पाठ करता है, उसे अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य मिलता है, ऐसी मान्यता है।
Tulsi Mantra Image | तुलसी मंत्र इमेज
If you want to keep the tulsi mantra on your phone or print it for the puja corner, you can save or download the image below.

Tulsi Puja Vidhi | रोज़ की तुलसी पूजा विधि
समय
सुबह स्नान के बाद, सूर्योदय के आसपास जल चढ़ाना सबसे अच्छा माना जाता है। शाम को जल नहीं चढ़ाते, केवल घी या तिल के तेल का दीपक जलाते हैं।
सामग्री
- तांबे या पीतल का लोटा और साफ़ जल
- रोली या हल्दी, थोड़े अक्षत
- एक दीपक और अगरबत्ती
- गुड़ या मिश्री का छोटा सा भोग
विधि
- तुलसी के सामने खड़े होकर दो पल मन शांत करें।
- “महाप्रसाद जननी” मंत्र बोलते हुए धीरे-धीरे जल चढ़ाएं। गमले में पानी भरने न दें।
- रोली-अक्षत लगाएं और दीपक जलाएं।
- तुलसी की 3 या 7 परिक्रमा करें। जगह कम हो तो अपनी जगह पर ही घूमकर परिक्रमा मान ली जाती है।
- ध्यान मंत्र और नामाष्टक पढ़कर प्रणाम करें।
Working people often ask me if a two-minute version counts. Honestly, yes. Water with one mantra in the morning, one diya in the evening. Tulsi puja was always meant to be a daily habit of the home, not a heavy ritual.
Tulsi Vivah 2026 | तुलसी विवाह मंत्र और तिथि
साल 2026 में देवउठनी एकादशी 20 नवंबर को है (कुछ पंचांगों में 21 नवंबर), और तुलसी विवाह 21 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा (स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथि में अंतर हो सकता है)। इसी समय भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं, इसलिए यहीं से शादी-ब्याह जैसे शुभ कार्य फिर शुरू होते हैं। देवउठनी की पूजा के मंत्र आप Dev Uthani Ekadashi mantra वाले लेख में पढ़ सकते हैं।
तुलसी विवाह में गमले के चारों ओर गन्ने का मंडप बनाया जाता है। तुलसी जी को लाल चुनरी, चूड़ी, बिंदी जैसी सुहाग की चीज़ें चढ़ती हैं और शालिग्राम जी के साथ उनके सात फेरे कराए जाते हैं। फेरों के समय ऊपर दिया गया नामाष्टक और “ॐ तुलस्यै नमः” का जाप किया जा सकता है। शाम को आंगन में दीये जलाना न भूलें, deep jalane ka mantra भी साथ में बोल सकते हैं।
Tulsi Mantra Benefits | तुलसी मंत्र के फायदे
- शास्त्रों के अनुसार तुलसी पूजा से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों प्रसन्न होते हैं।
- माना जाता है कि जिस घर में रोज़ तुलसी के पास दीपक जलता है, वहां का वातावरण शांत और सकारात्मक रहता है।
- Devotees believe that chanting the tulsi mantra every morning gives the day a calm, steady start.
- कार्तिक मास में तुलसी पूजा और दीपदान का विशेष पुण्य बताया गया है।
- बच्चों को बिना कहे एक अच्छा संस्कार मिल जाता है।
Tulsi has an important place in Ayurveda too, but please remember that chanting the tulsi mantra is a spiritual practice and not a substitute for medical treatment.
Tulsi Puja Niyam | तुलसी से जुड़े नियम
| क्या करें | क्या न करें |
|---|---|
| स्नान करके ही तुलसी को छुएं | रविवार, एकादशी और द्वादशी को पत्ते न तोड़ें |
| पत्ते उंगलियों से धीरे से तोड़ें | नाखून से नोचकर या कैंची से न काटें |
| सूखा पौधा नदी या साफ़ मिट्टी में विसर्जित करें | सूखी तुलसी को घर में पड़ा न रहने दें |
| शाम को दीपक जलाएं | सूर्यास्त के बाद पत्ते न तोड़ें |
| विष्णु और कृष्ण के भोग में पत्ता रखें | गणेश जी और शिव जी को तुलसी न चढ़ाएं |
अगर एकादशी पर भोग के लिए तुलसी चाहिए, तो एक दिन पहले ही पत्ते तोड़कर रख लें। परंपरा में तुलसी दल बासी नहीं माना जाता।
FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
तुलसी में जल चढ़ाने का मंत्र कौन सा है?
“महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसि त्वं नमोऽस्तु ते” सबसे प्रचलित मंत्र है। इसे सुबह स्नान के बाद जल चढ़ाते हुए एक या तीन बार बोलें।
क्या रविवार को तुलसी में जल चढ़ाना चाहिए?
कई परिवारों में मान्यता है कि रविवार को तुलसी जी को न जल चढ़ाया जाता है न पत्ते तोड़े जाते हैं, जबकि कुछ घरों में केवल पत्ते तोड़ने की मनाही है। अपने घर की परंपरा को मानना सबसे अच्छा है।
Tulsi Vivah 2026 kab hai?
Tulsi Vivah falls on 21 November 2026, right after Dev Uthani Ekadashi on 20 November (some panchangs mark the Ekadashi on 21 November). Please confirm with your local panchang.
Can I do tulsi puja in a flat without an aangan?
Of course. A tulsi pot on a balcony or window that gets a few hours of sunlight is enough. Offer water in the morning, light a small diya in the evening and chant the tulsi mantra with bhav. That is all she asks.

