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Katyayani Mantra for Marriage: Lyrics, Meaning & Jaap Vidhi

  • Pavitr Mantra
  • September 28, 2026
  • 2 min read
Katyayani Mantra for Marriage: Lyrics, Meaning & Jaap Vidhi

The Katyayani mantra for marriage comes to us from one of the loveliest scenes in the Bhagavata Purana. In the month of Margashirsha, the young gopis of Vraj bathed in the cold Yamuna at dawn, made an idol of Devi Katyayani from sand on the riverbank, and prayed to her for one thing: that Nand ji’s son, Krishna, become their husband. The words they spoke became the mantra that girls and families still chant today.

It’s often the first thing an aunt suggests when a daughter’s rishta keeps getting delayed. And it is a gentle, beautiful practice. But let me say this upfront, as someone who has seen friends go through it: a mantra is a prayer, not a switch. Chant it for peace of mind and faith, not out of fear or family pressure.

Katyayani Mantra for Marriage | कात्यायनी मंत्र विवाह के लिए

यह श्लोक श्रीमद्भागवत महापुराण के दशम स्कंध (अध्याय 22) में आता है, जहाँ गोपियाँ कात्यायनी व्रत करती हैं।

कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि।
नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥

कात्यायनी मंत्र अर्थ सहित

अर्थ: हे कात्यायनी! हे महामाया! हे महायोगिनी, सबकी अधीश्वरी देवी! नंद गोप के पुत्र (श्रीकृष्ण) को मेरा पति बनाइए। आपको नमस्कार है।

Transliteration: Katyayani Mahamaye Mahayoginyadhishwari, Nandagopasutam Devi Patim Me Kuru Te Namah.

आज जब लड़कियाँ यह मंत्र बोलती हैं, तो भाव यही रहता है कि माँ ऐसा जीवनसाथी दें जो कृष्ण जैसा प्रेमपूर्ण, समझदार और धर्मनिष्ठ हो। कई परिवारों में मंत्र के शब्द बिना बदले ही जपे जाते हैं, और यही तरीका सबसे सही माना जाता है।

Katyayani Mantra Image | कात्यायनी मंत्र इमेज

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कात्यायनी मंत्र - katyayani mantra for marriage image
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Who Is Maa Katyayani? | माँ कात्यायनी कौन हैं

नवदुर्गा में माँ कात्यायनी छठा स्वरूप हैं और नवरात्रि की षष्ठी को इनकी पूजा होती है। परंपरा के अनुसार महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर देवी उनके यहाँ पुत्री रूप में प्रकट हुईं, इसलिए उनका नाम कात्यायनी पड़ा। सभी नौ रूपों के मंत्र हमारे Navratri 9 Devi Mantra लेख में हैं।

नवरात्रि के छठे दिन बोला जाने वाला उनका ध्यान मंत्र यह है:

चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी॥

अर्थ: जिनके हाथ में चंद्रहास तलवार चमक रही है, जो श्रेष्ठ सिंह पर सवार हैं, दानवों का नाश करने वाली वे कात्यायनी देवी हमें शुभ प्रदान करें।

कात्यायनी मंत्र जाप विधि

कब शुरू करें

तीन समय सबसे अच्छे माने जाते हैं। पहला, शारदीय नवरात्रि (11 से 19 अक्टूबर 2026), खासकर षष्ठी तिथि। दूसरा, मार्गशीर्ष मास, जिसमें गोपियों ने यह व्रत किया था; 2026 में यह लगभग कार्तिक पूर्णिमा (24 नवंबर) के बाद से मार्गशीर्ष पूर्णिमा (23 दिसंबर) तक रहेगा (स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथि में अंतर हो सकता है)। तीसरा, किसी भी गुरुवार से, क्योंकि ज्योतिष में गुरु को विवाह का कारक माना जाता है।

आसन, माला और दिशा

पीले या लाल आसन पर पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें। हल्दी की गांठों वाली माला परंपरा में शुभ मानी जाती है, न हो तो रुद्राक्ष या तुलसी की माला भी चलेगी।

रोज़ का क्रम

  1. स्नान करके माँ दुर्गा या कात्यायनी का चित्र रखें और घी का दीपक जलाएँ।
  2. हल्दी, पीले फूल और थोड़ा सा शहद अर्पित करें। शहद माँ कात्यायनी का प्रिय भोग माना जाता है।
  3. मन में संकल्प करें कि आप कितने दिन जप करेंगी, जैसे 21 या 40 दिन।
  4. मंत्र का 1, 3 या 5 माला जप करें। संख्या रोज़ एक जैसी रखें।
  5. अंत में क्षमा प्रार्थना करें और भोग घर में बाँट दें।

College students or working girls who leave home early: 1 mala takes about 10-12 minutes. Do that one mala without missing a day rather than 5 malas for a week and then stopping.

कात्यायनी मंत्र में “नन्दगोपसुतं पतिं” आता है, इसलिए यह मूल रूप से कन्याओं का मंत्र है। पुरुषों के लिए दुर्गा सप्तशती के अर्गला स्तोत्र की यह पंक्ति प्रसिद्ध है:

पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्।
तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्॥

अर्थ: हे देवी, मुझे ऐसी सुंदर पत्नी दीजिए जो मेरे मन के अनुसार चलने वाली हो, इस कठिन संसार-सागर से पार कराने वाली हो और अच्छे कुल में जन्मी हो।

Katyayani Mantra Benefits | कात्यायनी मंत्र के फायदे

  • भक्तों का विश्वास है कि विवाह में आ रही अड़चनें धीरे-धीरे दूर होती हैं।
  • शास्त्रों के अनुसार कात्यायनी व्रत सुयोग्य जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए किया जाता है।
  • रिश्ते की बातचीत के तनाव भरे दिनों में मन को धैर्य और भरोसा मिलता है।
  • कुछ लोग मांगलिक दोष की शांति के उपायों के साथ भी यह जप करते हैं।

नियम और सावधानियां

  • जप के दिनों में सात्विक भोजन करें। कई लड़कियाँ गुरुवार का व्रत भी साथ रखती हैं।
  • मासिक धर्म के दिनों में बहुत से परिवार माला जप रोक देते हैं और मन में स्मरण करते हैं। अपने घर की परंपरा मानें।
  • किसी खास व्यक्ति का नाम लेकर यह मंत्र न जपें। अच्छे जीवनसाथी के लिए प्रार्थना करें, नियंत्रण के लिए नहीं।
  • मंत्र के साथ व्यावहारिक कोशिशें भी जारी रखें।

FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कात्यायनी मंत्र कितने दिन जपना चाहिए?

ज़्यादातर लोग 21 या 40 दिन का संकल्प लेते हैं। गोपियों ने पूरा मार्गशीर्ष महीना यह व्रत किया था, इसलिए कुछ परिवार पूरे एक महीने का नियम रखते हैं।

Can boys chant the Katyayani mantra for marriage?

The original words ask for “Nandagopasutam” as husband, so it is traditionally a mantra for girls. Boys usually chant the “Patnim Manoramam Dehi” line from Argala Stotram instead.

क्या शादी के बाद भी यह मंत्र बोल सकते हैं?

हाँ, माँ कात्यायनी की पूजा कोई भी कर सकता है। विवाहित महिलाएँ सुखी दांपत्य की प्रार्थना के साथ उनका ध्यान मंत्र बोल सकती हैं।

क्या बिना माला के जप कर सकते हैं?

कर सकते हैं, पर संकल्प वाले जप में गिनती ठीक रखने के लिए माला बेहतर है। हल्दी की माला न हो तो कोई भी साफ माला लें।

कात्यायनी मंत्र किस दिन से शुरू करें?

नवरात्रि की षष्ठी, मार्गशीर्ष मास का पहला दिन या कोई भी गुरुवार शुभ माना जाता है। सबसे ज़रूरी है कि शुरू करने के बाद नियम न टूटे।

माँ कात्यायनी सबकी मनोकामना सही समय पर पूरी करें। जय माता दी।

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Pavitr Mantra

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