Karagre vasate lakshmi mantra is probably the shortest prayer you will ever learn, and also one of the most useful. You say it the moment you wake up, before you reach for your phone, while looking at your own two palms.
My mother had a rule when we were little. No getting out of bed until you rubbed your hands, looked at them and said “कराग्रे वसते लक्ष्मीः”. We used to rush through it half asleep. Now, as an adult who wakes up to thirty WhatsApp notifications, I finally see why she was so strict about those first ten seconds.
The idea is simple. Before the world grabs your attention, you remind yourself that the hands you will work with all day are blessed.
विषय सूची | Table of Contents
Karagre Vasate Lakshmi Mantra Lyrics | कर दर्शन मंत्र
कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती।
करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥
Transliteration: Karagre Vasate Lakshmih, Karamadhye Saraswati, Karamule Tu Govindah, Prabhate Karadarshanam.
अर्थ सहित (Word by Word)
अर्थ: हाथ के अग्र भाग (उंगलियों के सिरे) में माँ लक्ष्मी का वास है, हथेली के बीच में माँ सरस्वती विराजती हैं और हाथ के मूल (कलाई के पास) में भगवान गोविन्द रहते हैं। इसलिए प्रातःकाल अपने हाथों का दर्शन करना चाहिए।
- कराग्रे = हाथ के आगे के हिस्से में
- वसते = निवास करती हैं
- करमध्ये = हथेली के बीच में
- करमूले = हाथ की जड़ में
- प्रभाते करदर्शनम् = सुबह हाथों का दर्शन
एक छोटी-सी बात: “करमूले तु गोविन्दः” या “करमूले तु ब्रह्मा”?
अलग-अलग क्षेत्रों में तीसरी पंक्ति थोड़ी अलग बोली जाती है। कहीं “करमूले तु गोविन्दः”, कहीं “करमूले तु ब्रह्मा” और कुछ घरों में “करमूले स्थिता गौरी”। सबसे ज़्यादा प्रचलित रूप गोविन्द वाला है। आपके घर में जो बोला जाता रहा है, उसे बदलने की ज़रूरत नहीं।
इस मंत्र का भाव
लक्ष्मी यानी धन और समृद्धि, सरस्वती यानी ज्ञान और विद्या, गोविन्द यानी पालन और रक्षा। मतलब, दिन भर जो भी कमाई होगी, जो भी सीखेंगे और जो भी अच्छा करेंगे, वह इन्हीं हाथों से होगा। सुबह-सुबह अपने कर्म के साधन का सम्मान करना ही इस मंत्र की असली सीख है।
एक और बात ध्यान देने लायक है। मंत्र में किसी मूर्ति या तस्वीर का दर्शन नहीं कहा गया, अपने ही हाथों का दर्शन कहा गया है। यानी भगवान को बाहर ढूँढने से पहले अपने भीतर और अपने कर्म में देखने की बात। शायद इसीलिए यह श्लोक इतना छोटा होकर भी इतने घरों में ज़िंदा है।
Karagre Vasate Mantra Image | कर दर्शन मंत्र इमेज
इस मंत्र को बेडसाइड पर या बच्चों के स्टडी टेबल पर लगाने के लिए नीचे दी गई image को save या download कर लें।

सुबह कर दर्शन की विधि
पूरी विधि मुश्किल से 30 सेकंड की है। न कोई माला चाहिए, न आसन।
- आँख खुलते ही बिस्तर पर बैठ जाएँ। फ़ोन अभी मत उठाइए।
- दोनों हथेलियों को आपस में हल्का-सा रगड़ें।
- हथेलियों को किताब की तरह खोलकर सामने रखें और उन्हें देखते हुए मंत्र बोलें।
- मंत्र के बाद हथेलियों को चेहरे पर फेर लें, जैसे आशीर्वाद ले रहे हों।
- अब ज़मीन पर पैर रखने से पहले भूमि वंदन मंत्र बोलें (नीचे दिया है)।
भूमि वंदन मंत्र
ज़मीन पर पैर रखना भी धरती माँ को छूना है, इसलिए पहले उनसे क्षमा माँगने की परंपरा है।
समुद्रवसने देवि पर्वतस्तनमण्डले।
विष्णुपत्नि नमस्तुभ्यं पादस्पर्शं क्षमस्व मे॥
अर्थ: हे समुद्र रूपी वस्त्र धारण करने वाली और पर्वतों से सुशोभित देवी, भगवान विष्णु की पत्नी पृथ्वी माता, आपको नमस्कार है। मेरे पैरों के स्पर्श के लिए मुझे क्षमा करें।
स्नान के समय का मंत्र
नहाते समय बाल्टी के पानी में सात पवित्र नदियों का आवाहन करने के लिए यह श्लोक बोला जाता है।
गङ्गे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति।
नर्मदे सिन्धु कावेरि जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥
अर्थ: हे गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती, नर्मदा, सिंधु और कावेरी, आप सब इस जल में उपस्थित हों।
इसके बाद सूर्य देव को जल देना हो तो सूर्य अर्घ्य मंत्र भी पढ़ सकते हैं।
सुबह के मंत्रों का क्रम
| समय | मंत्र | क्या करें |
|---|---|---|
| आँख खुलते ही | कराग्रे वसते लक्ष्मीः | हथेलियाँ देखें |
| बिस्तर से उतरते समय | समुद्रवसने देवि | धरती को प्रणाम करें |
| स्नान के समय | गङ्गे च यमुने चैव | जल में नदियों का स्मरण |
| स्नान के बाद | सूर्य अर्घ्य मंत्र | सूर्य को जल अर्पण |
Benefits | कराग्रे वसते मंत्र के फायदे
- दिन की शुरुआत फ़ोन की स्क्रीन की जगह एक शांत, सकारात्मक विचार से होती है।
- मान्यता है कि रोज़ कर दर्शन करने वाले पर लक्ष्मी, सरस्वती और नारायण तीनों की कृपा बनी रहती है।
- बच्चों के लिए यह पहला मंत्र सीखने का सबसे आसान तरीका है।
- अपने हाथों और मेहनत के प्रति सम्मान का भाव आता है।
- Devotees believe that a calm first minute sets the tone for the rest of the day.
ध्यान रखने वाली बातें
मंत्र जल्दी-जल्दी न बोलें। अगर रात की शिफ़्ट करते हैं और दोपहर में उठते हैं, तब भी उठने के बाद यह मंत्र बोल सकते हैं। “प्रभाते” का भाव नींद से जागने का पहला क्षण है। बीमार या बुज़ुर्ग लोग लेटे-लेटे भी हथेलियाँ देखकर मन में बोल सकते हैं।
रात को खाने से पहले के लिए भोजन मंत्र भी बच्चों को इसी तरह सिखाया जा सकता है।
FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Karagre vasate lakshmi mantra कब बोलना चाहिए?
सुबह नींद खुलते ही, बिस्तर छोड़ने से पहले। यही इसका सही समय है। किसी भी दिशा में मुँह करके बोल सकते हैं।
क्या यह मंत्र किसी शास्त्र से लिया गया है?
यह पारंपरिक प्रातः स्मरण श्लोक है जो पीढ़ियों से घरों में बोला जाता रहा है। इसे किसी एक निश्चित ग्रंथ से जोड़ने वाला पक्का प्रमाण हमें नहीं मिला, इसलिए हम कोई स्रोत का दावा नहीं कर रहे।
क्या बिना नहाए यह मंत्र बोल सकते हैं?
हाँ। यह मंत्र बनाया ही उस क्षण के लिए है जब आप अभी बिस्तर पर हैं। इसके लिए स्नान की कोई शर्त नहीं है।
क्या महिलाएँ पीरियड्स के दौरान कर दर्शन मंत्र बोल सकती हैं?
यह एक स्मरण मंत्र है, कोई अनुष्ठान नहीं। बहुत से परिवारों में इसे रोज़ बिना रुकावट बोला जाता है। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार निर्णय लें।
Can I teach this morning mantra to a 3 year old?
Yes. Make it a game: rub hands, open them like a book, say the lines together. Most kids pick it up within a couple of weeks.
कल सुबह फ़ोन से पहले अपनी हथेलियाँ देखकर शुरू कीजिए।

