Surya Arghya mantra is the prayer you say while pouring water to the rising sun from a copper lota. For lakhs of families this is a daily habit, and during Chhath it becomes the heart of the whole festival, when devotees stand waist-deep in rivers and ponds to offer arghya to the setting and then the rising sun.
I learnt it from Papa, who has never missed his Sunday arghya on the terrace in thirty-odd years. He doesn’t do anything elaborate. A lota, a pinch of roli, a few grains of rice, one shloka, and three circles on the spot where he stands. That’s all.
This post gives you that shloka with meaning, the twelve names of Surya, the simple daily vidhi and the Chhath 2026 dates.
विषय सूची | Table of Contents
- Surya Arghya Mantra | सूर्य अर्घ्य मंत्र
- सूर्य देव के 12 नाम | 12 Names of Surya
- Surya Arghya Mantra Image | सूर्य मंत्र इमेज
- सूर्य को जल देने की विधि | Daily Arghya Vidhi
- Chhath Puja Arghya 2026 | छठ पूजा में सूर्य अर्घ्य
- Benefits of Surya Arghya | सूर्य अर्घ्य के लाभ
- FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Surya Arghya Mantra | सूर्य अर्घ्य मंत्र
अर्घ्य देते समय यह श्लोक सबसे अधिक प्रचलित है। इसमें सूर्य देव को आदर से बुलाकर अर्घ्य स्वीकार करने की प्रार्थना की गई है।
ॐ एहि सूर्य सहस्रांशो तेजोराशे जगत्पते।
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर॥
अर्थ: हे हज़ारों किरणों वाले सूर्य देव, हे तेज के भंडार, हे जगत के स्वामी, पधारिए। मुझ पर कृपा कीजिए। हे दिवाकर, भक्तिपूर्वक दिया गया मेरा यह अर्घ्य स्वीकार कीजिए।
Om ehi Surya sahasraansho tejo-raashe jagatpate, anukampaya maam bhaktyaa grihaanaarghyam Divaakara.
छोटे मंत्र जो साथ में बोले जाते हैं
अगर पूरा श्लोक याद न हो, तो इनमें से कोई एक मंत्र भी बोला जा सकता है:
ॐ सूर्याय नमः॥
ॐ घृणि सूर्याय नमः॥
ॐ आदित्याय नमः॥
अर्थ: सूर्य देव को नमस्कार। “घृणि” का अर्थ है प्रकाश और तेज से भरपूर, और आदित्य यानी अदिति के पुत्र।
सूर्य देव के 12 नाम | 12 Names of Surya
सूर्य नमस्कार करने वाले इन नामों से परिचित होंगे। अर्घ्य के बाद इन बारह नामों को बोलकर प्रणाम करना भी एक सुंदर परंपरा है।
| क्रम | मंत्र | अर्थ |
|---|---|---|
| 1 | ॐ मित्राय नमः | सबके मित्र |
| 2 | ॐ रवये नमः | प्रकाश देने वाले |
| 3 | ॐ सूर्याय नमः | गति देने वाले |
| 4 | ॐ भानवे नमः | चमकने वाले |
| 5 | ॐ खगाय नमः | आकाश में चलने वाले |
| 6 | ॐ पूष्णे नमः | पोषण करने वाले |
| 7 | ॐ हिरण्यगर्भाय नमः | स्वर्णिम तेज वाले |
| 8 | ॐ मरीचये नमः | किरणों वाले |
| 9 | ॐ आदित्याय नमः | अदिति के पुत्र |
| 10 | ॐ सवित्रे नमः | जीवन देने वाले |
| 11 | ॐ अर्काय नमः | पूजनीय |
| 12 | ॐ भास्कराय नमः | प्रकाश फैलाने वाले |
Surya Arghya Mantra Image | सूर्य मंत्र इमेज
यह Surya Arghya mantra image save या download कर लें। सुबह छत पर लोटा लेकर जाते समय फोन पर देखकर श्लोक पढ़ना आसान रहेगा।

सूर्य को जल देने की विधि | Daily Arghya Vidhi
समय
सूर्योदय के बाद पहला एक घंटा सबसे अच्छा माना जाता है, जब सूर्य की रोशनी हल्की होती है। जो लोग सुबह जल्दी ऑफिस निकलते हैं, वे नहाकर निकलने से पहले दो मिनट में यह कर सकते हैं।
लोटा और जल
तांबे का लोटा परंपरा में सबसे उत्तम माना गया है। जल में थोड़ी रोली या लाल चंदन, अक्षत और एक लाल फूल डालें। कुछ लोग एक चुटकी गुड़ या मिश्री भी मिलाते हैं।
कैसे दें
- पूर्व दिशा की ओर मुँह करके खड़े हों।
- लोटे को दोनों हाथों से छाती की ऊँचाई तक उठाएं।
- ऊपर दिया गया मंत्र बोलते हुए धीरे-धीरे जल की धार गिराएं और धार के बीच से सूर्य को देखें।
- जल ज़मीन पर पैरों में न गिरे। नीचे गमला या कोई पात्र रख लें, बाद में वह जल पौधों में डाल दें।
- अर्घ्य के बाद उसी स्थान पर तीन बार घूमकर परिक्रमा करें और प्रणाम करें।
सीधे तेज़ धूप में सूर्य को घूरकर न देखें। आँखों को नुकसान हो सकता है।
फ्लैट में रहते हैं तो?
A lot of readers living in apartments ask this. If your balcony doesn’t face east, stand at any window or balcony from where you can see the morning light, face east as best you can, and pour the water into a big bowl or a tulsi pot. Later that water can go to your plants. Nobody is keeping score of the angle, the sun certainly isn’t.
Chhath Puja Arghya 2026 | छठ पूजा में सूर्य अर्घ्य
छठ महापर्व चार दिन का होता है: नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य। 2026 में मुख्य दिन यानी संध्या अर्घ्य 15 नवंबर को है, और अगली सुबह 16 नवंबर को उगते सूर्य को उषा अर्घ्य दिया जाएगा (स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथि में अंतर हो सकता है)।
छठ में अर्घ्य बाँस के सूप या दउरा में ठेकुआ, केला, नारियल, गन्ना और मौसमी फलों के साथ दिया जाता है। व्रती पानी में खड़े होकर सूप उठाते हैं और परिवार के लोग लोटे से सूप पर दूध या जल की धार चढ़ाते हैं। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के घाटों पर उस शाम का दृश्य जिसने एक बार देखा है, वह भूल नहीं पाता।
छठ के अर्घ्य में भी यही “ॐ एहि सूर्य” मंत्र बोला जा सकता है। साथ में छठी मैया के पारंपरिक लोक गीत गाए जाते हैं।
Benefits of Surya Arghya | सूर्य अर्घ्य के लाभ
शास्त्रों में सूर्य को प्रत्यक्ष देवता कहा गया है, यानी वह देवता जिन्हें हम रोज़ अपनी आँखों से देख सकते हैं। Devotees believe regular arghya brings:
- आत्मविश्वास और मन में उत्साह, ऐसा माना जाता है।
- ज्योतिष के अनुसार कुंडली में कमज़ोर सूर्य को बल मिलना। ग्रहों के बाकी मंत्र Navgrah Mantra वाली पोस्ट में देखें।
- पिता, सरकार और उच्च पद से जुड़े कामों में सहयोग की मान्यता।
- सुबह जल्दी उठने और अनुशासन की आदत।
- सुबह की हल्की धूप में कुछ मिनट खड़े रहना।
यह एक आध्यात्मिक अभ्यास है। किसी भी बीमारी में यह मंत्र डॉक्टर के इलाज का विकल्प नहीं है।
FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Surya arghya mantra kaun sa hai?
सबसे प्रचलित मंत्र है “ॐ एहि सूर्य सहस्रांशो तेजोराशे जगत्पते। अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर॥” छोटा विकल्प “ॐ सूर्याय नमः” है।
सूर्य को जल किस दिन से देना शुरू करें?
रविवार या किसी शुक्ल पक्ष के रविवार से शुरुआत करना शुभ माना जाता है। पर एक बार शुरू करें तो रोज़ देने की कोशिश करें।
बादल हों और सूर्य न दिखें तो?
पूर्व दिशा की ओर मुँह करके सूर्य का ध्यान करते हुए अर्घ्य दे दें। भावना से दिया अर्घ्य ही मुख्य है।
क्या स्टील के लोटे से अर्घ्य दे सकते हैं?
तांबा परंपरा में श्रेष्ठ माना गया है, पर उपलब्ध न हो तो पीतल या स्टील का साफ लोटा भी चलेगा।
Chhath me kitne arghya diye jate hain?
दो मुख्य अर्घ्य होते हैं: षष्ठी की शाम डूबते सूर्य को और सप्तमी की सुबह उगते सूर्य को।

