Shubham Karoti Kalyanam mantra is probably the first Sanskrit shloka many of us learnt, long before we understood a single word of it. Every evening at sandhya time, when the lamp is lit in front of the mandir, this small prayer is recited to the flame. In Hindi it is simply called दीप जलाने का मंत्र, and in Marathi homes the whole evening routine is lovingly known as शुभंकरोति.
My own memory of it is very ordinary and very dear. Dadi would switch off the tube light, light the ghee diya and wait until all of us cousins came and sat near her. Only after we said शुभं करोति कल्याणम् together were we allowed to go back to homework. Many readers from Pune, Indore and Varanasi have told us the same story.
Below you will find the complete mantra in Devanagari, its meaning, an English transliteration, a mantra image you can save, and the easy way to recite it at dusk. It takes less than a minute.
विषय सूची | Table of Contents
- Shubham Karoti Kalyanam Mantra Lyrics | शुभं करोति कल्याणम् मंत्र
- Shubham Karoti Kalyanam Mantra Image | दीप मंत्र इमेज
- दीप जलाने की विधि | How to Recite at Sandhya
- Benefits of Shubham Karoti Kalyanam Mantra | दीप मंत्र के फायदे
- Diwali और कार्तिक मास में दीप मंत्र
- ध्यान रखने योग्य बातें
- FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Shubham Karoti Kalyanam Mantra Lyrics | शुभं करोति कल्याणम् मंत्र
यह मंत्र आमतौर पर दो श्लोकों में बोला जाता है। पहला श्लोक दीपक की ज्योति को नमस्कार है और दूसरे में उसी ज्योति को परब्रह्म का रूप मानकर प्रार्थना की जाती है।
शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यं धनसंपदा।
शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥
अर्थ: हे दीपक की ज्योति, तुम शुभ करती हो, कल्याण करती हो, आरोग्य और धन-संपदा देती हो। मन में उठने वाली शत्रुता की बुद्धि (वैर और द्वेष) का नाश करने वाली हे दीपज्योति, तुम्हें मेरा नमस्कार है।
दीपज्योतिः परब्रह्म दीपज्योतिर्जनार्दनः।
दीपो हरतु मे पापं दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥
अर्थ: दीपक की ज्योति ही परब्रह्म है, दीपक की ज्योति ही जनार्दन यानी भगवान विष्णु हैं। यह दीप मेरे पापों को हर ले। हे दीपज्योति, तुम्हें नमस्कार है।
शब्दार्थ सहित भाव | Word by Word Meaning
- शुभं करोति कल्याणम् – जो शुभ और मंगल करती है
- आरोग्यं धनसंपदा – स्वास्थ्य और समृद्धि
- शत्रुबुद्धिविनाशाय – शत्रुता वाली सोच के नाश के लिए
- दीपज्योतिः – दीपक की लौ
- नमोऽस्तु ते – तुम्हें नमस्कार हो
एक बात पर ध्यान दीजिए। शत्रुबुद्धि का अर्थ बाहर के किसी दुश्मन को मिटाना नहीं, बल्कि अपने भीतर की दुश्मनी वाली सोच को मिटाना माना जाता है। दादी यही समझाती थीं कि जैसे दीया कमरे का अंधेरा हटाता है, वैसे ही मन का मैल भी हटाए।
English Transliteration
Shubham karoti kalyanam aarogyam dhana-sampadaa,
Shatru-buddhi-vinaashaaya deepa-jyotir namostu te.
Deepa-jyotih para-brahma deepa-jyotir janaardanah,
Deepo haratu me paapam deepa-jyotir namostu te.
अलग-अलग घरों के पाठभेद
कई महाराष्ट्रीय और कर्नाटक के परिवारों में दूसरे श्लोक की आखिरी पंक्ति “दीपो हरतु मे पापं संध्यादीप नमोऽस्तु ते” बोली जाती है, और कहीं-कहीं “दीपो ज्योतिः परब्रह्म” पढ़ा जाता है। भाव एक ही है। जो पाठ आपके घर में पीढ़ियों से चला आ रहा है, वही बोलिए, उसे बदलने की ज़रूरत नहीं।
Shubham Karoti Kalyanam Mantra Image | दीप मंत्र इमेज
नीचे दी गई Shubham Karoti Kalyanam mantra image को आप फोन में save या download कर सकते हैं, ताकि बच्चे इसे देखकर याद कर सकें या आप पूजा घर के पास इसका प्रिंट लगा सकें।

दीप जलाने की विधि | How to Recite at Sandhya
यह कोई लंबा अनुष्ठान नहीं है, बस रोज़ करने की आदत चाहिए।
समय
सबसे उत्तम समय संध्या काल है, यानी सूर्यास्त के आसपास, जब दिन और रात मिलते हैं। If both parents work and the lamp gets lit only at 8 pm when everyone is home, that’s fine too. Regularity matters more than the clock.
दीपक और बत्ती
घी का दीया हो या तिल अथवा सरसों के तेल का, जो घर में सहज हो वही लें। मिट्टी, पीतल या चाँदी, किसी भी धातु का दीया चलेगा। रुई की बत्ती साफ हाथों से बनाएं।
स्थान
दीया पूजा घर में भगवान के सामने रखें। बहुत से परिवार शाम को एक दीया मुख्य द्वार पर या तुलसी के पास भी रखते हैं। लौ को पूर्व या उत्तर की ओर रखना शुभ माना जाता है।
क्रम
- हाथ-पैर धोकर पूजा स्थान के सामने बैठें या खड़े हों।
- दीया जलाएं और हाथ जोड़ें।
- दोनों श्लोक एक बार स्पष्ट उच्चारण से बोलें, चाहें तो तीन बार।
- दीपक को प्रणाम करें और फिर घर के बड़ों को नमस्कार करें।
बच्चों को कैसे सिखाएं
Don’t turn it into a lesson. Just say it aloud every evening with the kids sitting beside you. Children catch the rhythm long before the words. Once they say it on their own, explain the meaning one line at a time.
Benefits of Shubham Karoti Kalyanam Mantra | दीप मंत्र के फायदे
शास्त्रों और लोक परंपरा में दीपक को अग्नि और ज्ञान का प्रतीक माना गया है। Devotees believe that saying this prayer with the evening lamp brings these benefits:
- शाम के समय घर में शांत और सात्त्विक वातावरण बनता है, ऐसा माना जाता है।
- मंत्र में आरोग्य और धनसंपदा की प्रार्थना है, इसलिए इसे पूरे परिवार की खुशहाली की कामना से बोला जाता है।
- मन से द्वेष और कड़वाहट कम करने की भावना इससे जुड़ी है।
- परिवार के एक साथ बैठने का यह रोज़ का छोटा सा बहाना बन जाता है।
- बच्चों में संस्कृत उच्चारण और संस्कार की शुरुआत होती है।
मंत्र में आरोग्य शब्द ज़रूर है, पर यह एक प्रार्थना है, इलाज नहीं। स्वास्थ्य की किसी भी समस्या में डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
Diwali और कार्तिक मास में दीप मंत्र
कार्तिक का महीना दीपदान का महीना कहा जाता है। धनतेरस से भाई दूज तक, और आगे देव दीपावली तक, हर शाम घरों में दीयों की कतारें सजती हैं। हर दीये के साथ पूरा मंत्र बोलना संभव नहीं होता, इसलिए पूजा घर का पहला दीया इस मंत्र के साथ जलाएं और बाकी दीये उसके बाद सजाएं। Diwali की रात की पूरी पूजा के लिए हमारी पोस्ट Diwali Lakshmi Puja Vidhi पढ़ें।
ध्यान रखने योग्य बातें
- परंपरा में दीपक को फूंक मारकर बुझाना ठीक नहीं माना जाता। उसे अपने आप शांत होने दें या हाथ की हल्की हवा से शांत करें।
- टूटा या चटका हुआ दीया पूजा में न रखें।
- दीये के पास पर्दे, कागज़ या प्लास्टिक न रखें, खासकर जब घर में छोटे बच्चे हों।
FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Shubham Karoti Kalyanam mantra kab bolna chahiye?
मुख्य रूप से शाम को संध्या के समय दीया जलाते हुए। सुबह की पूजा में दीप प्रज्वलन के समय भी इसे बोल सकते हैं।
यह मंत्र किस ग्रंथ से लिया गया है?
यह पीढ़ियों से परिवारों में चली आ रही पारंपरिक प्रार्थना है। आम तौर पर इसके लिए किसी एक ग्रंथ का निश्चित संदर्भ नहीं दिया जाता, इसलिए इसे लोक और गृह परंपरा का मंत्र समझना ठीक रहेगा।
Can I recite it with an electric diya?
If you live in a hostel or a place where an open flame isn’t allowed, you can still say the prayer with folded hands before an electric diya or even a small photo of a lamp. Bhav is what counts. At home, try to use a real diya whenever possible.
दीप मंत्र कितनी बार बोलना चाहिए?
एक बार पूरा बोलना पर्याप्त है। कई घरों में इसे तीन बार बोला जाता है। संख्या से ज़्यादा ज़रूरी है कि रोज़ बोला जाए।
आज शाम दीया जलाएं तो बच्चों को पास बिठा लीजिए। यह छोटी सी आदत बहुत दूर तक साथ चलती है।

