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Diwali Lakshmi Puja Vidhi Mantra 2026: दिवाली पूजन विधि घर पर

  • Pavitr Mantra
  • September 28, 2026
  • 2 min read
Diwali Lakshmi Puja Vidhi Mantra 2026: दिवाली पूजन विधि घर पर

This year the Diwali Lakshmi Puja vidhi and mantra falls on Sunday, 8 November 2026, and if your family is anything like mine, the planning has already started. In our house nothing begins until Papa comes back from the shop with the new bahi-khata, a red cloth and a packet of khil-batashe. Mummy handles everything else, from the rangoli to the exact order in which the diyas are lit.

A lot of us grew up simply watching the elders do it. Then one year we are the ones sitting in front of the chowki, and suddenly we are unsure which mantra comes first and whether Ganesh ji is worshipped before or after Lakshmi ji.

This guide keeps it simple. It is a home-friendly puja that anyone can follow without a pandit, with the right mantras in Devanagari and a short meaning for each.

Diwali 2026 Date | दिवाली 2026 कब है

पाँच दिन के दीपोत्सव की तिथियाँ इस प्रकार हैं (स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथि में अंतर हो सकता है):

पर्व तारीख दिन
धनतेरस 6 नवंबर 2026 शुक्रवार
छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी) 7 नवंबर 2026 शनिवार
दिवाली लक्ष्मी पूजा 8 नवंबर 2026 रविवार
गोवर्धन पूजा 10 नवंबर 2026 मंगलवार
भाई दूज 11 नवंबर 2026 बुधवार

लक्ष्मी पूजा परंपरागत रूप से सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में, स्थिर लग्न में की जाती है। सटीक मुहूर्त अपने शहर के पंचांग या मंदिर के पुजारी से पूछ लें।

पूजा सामग्री | Diwali Puja Samagri List

  • लकड़ी की चौकी, लाल या पीला कपड़ा
  • लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति या चित्र, एक कलश, आम के पत्ते, नारियल
  • रोली, अक्षत (चावल), हल्दी, चंदन, कलावा, सिंदूर
  • फूल, कमल का फूल (मिल जाए तो), दूर्वा, पान, सुपारी, लौंग, इलायची
  • खील-बताशे, मिठाई, फल, धनिया के बीज, कमलगट्टे
  • घी का बड़ा दीपक, मिट्टी के दीये, कपूर, धूप-अगरबत्ती
  • सिक्के या चाँदी का सिक्का, नई बही-खाता या डायरी, कलम

Diwali Lakshmi Puja Vidhi Step by Step | दिवाली लक्ष्मी पूजा विधि

1. चौकी सजाना

पूजा स्थान साफ़ करके पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके चौकी रखें। लाल कपड़ा बिछाएँ। गणेश जी और लक्ष्मी जी को साथ-साथ विराजमान करें। कौन किस ओर रहे, इस पर घरों की परंपरा अलग-अलग होती है, इसलिए अपने बड़ों की बात मानें। पास में जल से भरा कलश रखें, उस पर आम के पत्ते और नारियल रखें।

2. पवित्रीकरण

हाथ में थोड़ा जल लेकर यह मंत्र बोलें और अपने ऊपर तथा पूजा सामग्री पर छिड़कें:

ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा।
यः स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः॥

अर्थ: कोई अपवित्र हो या पवित्र, किसी भी अवस्था में हो, जो कमलनयन भगवान विष्णु का स्मरण करता है, वह भीतर और बाहर से शुद्ध हो जाता है।

3. संकल्प

हाथ में जल, अक्षत, फूल और एक सिक्का लेकर अपना नाम, गोत्र और मनोकामना मन में दोहराएँ और कहें कि आप परिवार की सुख-समृद्धि के लिए लक्ष्मी-गणेश का पूजन कर रहे हैं। फिर सब कुछ चौकी के पास छोड़ दें।

4. गणेश पूजन

हर शुभ काम की तरह पहले गणेश जी की पूजा होती है। रोली, अक्षत, दूर्वा और लड्डू चढ़ाकर बोलें:

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

अर्थ: हे टेढ़ी सूँड और विशाल शरीर वाले, करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी देव! मेरे सभी कार्य सदा बिना विघ्न के पूरे करें।

5. लक्ष्मी पूजन

अब माँ लक्ष्मी को जल, रोली, सिंदूर, चंदन, फूल, कमलगट्टे, धनिया, खील-बताशे और मिठाई एक-एक करके अर्पित करें। हर चीज़ चढ़ाते समय “ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः” बोलते रहें। इसके बाद कम से कम एक माला महालक्ष्मी मंत्र का जाप करें:

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद।
श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः॥

अर्थ: हे कमल पर विराजमान, कमल में निवास करने वाली माँ! प्रसन्न होइए। महालक्ष्मी को नमस्कार है।

इस मंत्र और लक्ष्मी जी के दूसरे मंत्रों की पूरी जाप विधि हमारे लक्ष्मी मंत्र वाले लेख में दी गई है।

6. कुबेर और बही-खाता पूजन

व्यापारी परिवारों में नई बही, तिजोरी या कैश बॉक्स पर रोली से स्वास्तिक बनाकर “शुभ-लाभ” लिखा जाता है। कुबेर जी के लिए “ॐ कुबेराय नमः” और कलम-दवात के लिए “ॐ सरस्वत्यै नमः” बोलकर अक्षत-फूल चढ़ाएँ।

7. दीपदान

पूजा का बड़ा घी का दीपक पूरी रात जलता रहे, ऐसी परंपरा है। बाकी दीये पहले पूजा स्थान पर रखकर फिर घर के मुख्य द्वार, रसोई, तुलसी, पानी की जगह और छत पर रखें।

8. आरती और क्षमा प्रार्थना

पूरा परिवार मिलकर पहले गणेश जी की और फिर ॐ जय लक्ष्मी माता आरती गाए। अंत में हाथ जोड़कर क्षमा प्रार्थना करें:

आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्।
पूजां चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वरि॥

मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वरि।
यत्पूजितं मया देवि परिपूर्णं तदस्तु मे॥

अर्थ: हे परमेश्वरी! मैं न आपको बुलाना जानता हूँ, न विदा करना, न पूजा की सही विधि। मुझे क्षमा करें। मेरी पूजा मंत्र, क्रिया और भक्ति में जो भी अधूरी रह गई हो, हे देवी, आपकी कृपा से वह पूर्ण हो जाए।

Honestly, this last prayer is my favourite part. It admits we got a few things wrong and asks Maa to accept the puja anyway.

Diwali Lakshmi Puja Vidhi Mantra Image | दिवाली पूजन मंत्र इमेज

पूजा के समय फ़ोन पर देखने के लिए यह दिवाली पूजन मंत्र इमेज सेव या डाउनलोड कर लें।

दिवाली पूजन मंत्र - diwali lakshmi puja vidhi image
दिवाली पूजन मंत्र – diwali lakshmi puja vidhi image — image पर क्लिक करके download करें

Diwali Lakshmi Puja Vidhi Ke Labh | लक्ष्मी पूजा का फल

  • शास्त्रों के अनुसार कार्तिक अमावस्या की रात लक्ष्मी पूजन से पूरे वर्ष घर में धन-धान्य बना रहता है।
  • माना जाता है कि गणेश पूजन से नए साल के कामकाज में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं।
  • व्यापारी भक्त नई बही के पूजन को साल की शुभ शुरुआत मानते हैं।
  • दीपदान से घर में अंधकार और नकारात्मकता दूर होने की मान्यता है।

गलतियाँ जिनसे बचें | Diwali Puja Niyam

  • लक्ष्मी पूजा के बाद रात में घर में झगड़ा या ऊँची आवाज़ में बहस न करें।
  • पूजा के दीपक को फूँक मारकर न बुझाएँ।
  • पुरानी खंडित मूर्ति की जगह नई मूर्ति लें और पुरानी को सम्मान से विसर्जित करें।
  • पटाखों से पहले पूजा पूरी करें, और बच्चों व बुज़ुर्गों का ध्यान रखें।

FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Diwali 2026 mein Lakshmi Puja kis din hai?

अधिकांश पंचांगों के अनुसार दिवाली लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर 2026 को है। पूजा प्रदोष काल में करना शुभ माना जाता है।

क्या बिना पंडित के घर पर लक्ष्मी पूजा कर सकते हैं?

हाँ। ऊपर दी गई Diwali Lakshmi Puja vidhi कोई भी गृहस्थ श्रद्धा से कर सकता है। मंत्र न आएँ तो “ॐ श्री गणेशाय नमः” और “ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः” बोलकर भी पूजा की जा सकती है।

लक्ष्मी और गणेश जी में पहले किसकी पूजा करें?

पहले गणेश जी की पूजा की जाती है, फिर लक्ष्मी जी की। इसी क्रम से आरती भी पहले गणेश जी की होती है।

दिवाली पूजा का दीपक कितनी देर जलना चाहिए?

परंपरा है कि लक्ष्मी पूजा का मुख्य घी का दीपक पूरी रात जले। इसके लिए बड़ा दीपक और पर्याप्त घी रखें, पर सुरक्षा का ध्यान ज़रूर रखें।

आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ। माँ लक्ष्मी आपके घर में सदा निवास करें।

Written by

Pavitr Mantra

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