The Om Jai Lakshmi Mata aarti lyrics are probably the most sung words in any Indian home on Diwali night. You may not remember every stanza, but the moment someone starts “ॐ जय लक्ष्मी माता”, the whole family joins in, the thali goes round, and the kids fight over who gets to ring the bell.
In my Dadi’s house in Kanpur, this aarti was sung every Friday too, not just on Diwali. She would sing slowly, almost stretching each line, and we had to keep pace with her. I did not appreciate it then. Now I find that slow rhythm is exactly what makes the aarti feel like a prayer and not a race.
Here are the full lyrics in Hindi, a simple stanza-by-stanza meaning, and the correct way to do the aarti at home.
विषय सूची | Table of Contents
- Om Jai Lakshmi Mata Aarti Lyrics | लक्ष्मी जी की आरती
- लक्ष्मी आरती अर्थ सहित | Aarti Meaning in Hindi
- Om Jai Lakshmi Mata Aarti Image | लक्ष्मी आरती इमेज
- लक्ष्मी आरती करने की विधि | Aarti Kaise Karein
- Lakshmi Aarti Ke Fayde | आरती गाने के लाभ
- आरती के समय ध्यान रखें | Niyam
- FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Om Jai Lakshmi Mata Aarti Lyrics | लक्ष्मी जी की आरती
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
उमा रमा ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
दुर्गा रूप निरंजनि, सुख-सम्पत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनि, भवनिधि की त्राता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
जिस घर में तुम रहतीं, तहँ सब सद्गुण आता।
सब सम्भव हो जाता, मन नहिं घबराता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहिं पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई नर गाता।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
Om Jai Lakshmi Mata, Maiya Jai Lakshmi Mata, Tumko Nishdin Sevat, Har Vishnu Vidhata.
A small note on the words. Some books print the second line as “हरि विष्णु विधाता” and some families sing “मैया जी को निशदिन सेवत”. Both are heard widely. The older printed versions have “हर विष्णु विधाता”, meaning Shiva, Vishnu and Brahma, which fits the sense of the line well.
लक्ष्मी आरती अर्थ सहित | Aarti Meaning in Hindi
पहला पद: ॐ जय लक्ष्मी माता
अर्थ: हे लक्ष्मी माता, आपकी जय हो। हर (शिव), विष्णु और विधाता (ब्रह्मा) भी दिन-रात आपकी सेवा करते हैं।
दूसरा पद: उमा रमा ब्रह्माणी
अर्थ: उमा (पार्वती), रमा (लक्ष्मी) और ब्रह्माणी (सरस्वती), तीनों रूप आप ही हैं। आप ही जगत की माता हैं। सूर्य और चंद्रमा आपका ध्यान करते हैं और नारद मुनि आपके गुण गाते हैं।
तीसरा और चौथा पद
अर्थ: आप दुर्गा का निर्मल रूप हैं और सुख-संपत्ति देने वाली हैं। जो आपका ध्यान करता है उसे ऋद्धि, सिद्धि और धन मिलता है। पाताल से लेकर हर लोक में आपका वास है। आप कर्मों का फल प्रकट करती हैं और संसार रूपी सागर से पार लगाती हैं।
पाँचवाँ और छठा पद
अर्थ: जिस घर में आप रहती हैं, वहाँ सब अच्छे गुण अपने आप आ जाते हैं, हर काम संभव हो जाता है और मन घबराता नहीं। आपके बिना न यज्ञ हो सकते हैं, न किसी को वस्त्र मिलता है। भोजन और सुख-सुविधा का सारा वैभव आपसे ही आता है।
सातवाँ और अंतिम पद
अर्थ: आप शुभ गुणों का सुंदर मंदिर हैं और क्षीरसागर से प्रकट हुई हैं। समुद्र मंथन से निकले चौदह रत्न भी आपकी कृपा के बिना कोई नहीं पा सकता। जो भी व्यक्ति महालक्ष्मी की यह आरती गाता है, उसके हृदय में आनंद भर जाता है और पाप दूर हो जाते हैं।
Om Jai Lakshmi Mata Aarti Image | लक्ष्मी आरती इमेज
आरती की यह इमेज सेव या डाउनलोड कर लें, ताकि पूजा के समय फ़ोन पर आसानी से पढ़ सकें।

लक्ष्मी आरती करने की विधि | Aarti Kaise Karein
- एक थाली में घी का दीपक या कपूर, थोड़े फूल, रोली, अक्षत और प्रसाद रखें। थाली पर रोली से छोटा सा स्वास्तिक बना सकते हैं।
- आरती से पहले लक्ष्मी जी को पुष्प और भोग अर्पित करें। अगर पूरी पूजा कर रहे हैं तो आरती सबसे अंत में होती है।
- थाली को घड़ी की सुई की दिशा में घुमाएँ। प्रचलित परंपरा है कि चार बार चरणों की ओर, दो बार नाभि की ओर, एक बार मुख की ओर और फिर सात बार पूरी प्रतिमा के सामने आरती घुमाई जाए।
- आरती के साथ घंटी या शंख बजाएँ और पूरा परिवार साथ में गाए।
- आरती के बाद थाली के चारों ओर थोड़ा जल घुमाएँ, फिर सभी दोनों हाथों से ज्योति की गर्माहट लेकर आँखों और सिर से लगाएँ।
दिवाली की रात यही आरती पूजन के अंत में गाई जाती है। पूजा का पूरा क्रम हमारी Diwali Lakshmi Puja Vidhi पोस्ट में है।
Lakshmi Aarti Ke Fayde | आरती गाने के लाभ
- शास्त्रों के अनुसार आरती से पूजा में रह गई कमियाँ पूरी हो जाती हैं।
- माना जाता है कि शुक्रवार की शाम लक्ष्मी आरती से घर में बरकत बनी रहती है।
- घी या कपूर की ज्योति और घंटी की ध्वनि से घर का माहौल शांत और पवित्र लगता है।
- परिवार के साथ मिलकर गाने से बच्चों में भी पूजा के प्रति लगाव बढ़ता है।
अगर आप आरती के बाद कोई स्तोत्र भी पढ़ना चाहें, तो कनकधारा स्तोत्र एक सुंदर विकल्प है।
आरती के समय ध्यान रखें | Niyam
- आरती से पहले हाथ-पैर धो लें और सिर ढककर या साफ़ कपड़ों में खड़े हों।
- आरती की थाली कभी ज़मीन पर सीधे न रखें, किसी पटरी या चौकी पर रखें।
- आरती के बीच में फ़ोन पर बात या हँसी-मज़ाक न करें। दस मिनट का पूरा ध्यान काफ़ी है।
- आरती के बाद प्रसाद पहले घर के बड़ों और बच्चों में बाँटें, फिर खुद लें।
FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ॐ जय लक्ष्मी माता आरती किसने लिखी है?
इस आरती के रचयिता का नाम निश्चित रूप से ज्ञात नहीं है। यह लोक परंपरा में पीढ़ियों से गाई जा रही है, और “ॐ जय जगदीश हरे” की धुन से इसकी लय मिलती है।
Lakshmi ji ki aarti kab karni chahiye?
रोज़ शाम संध्या के समय, हर शुक्रवार, दिवाली, धनतेरस और शरद पूर्णिमा पर लक्ष्मी आरती विशेष रूप से की जाती है।
आरती में कितने दीपक होने चाहिए?
एक घी का दीपक भी पर्याप्त है। कई घरों में पाँच बत्ती वाला दीपक या कपूर जलाया जाता है। संख्या से ज़्यादा ज़रूरी है श्रद्धा और साफ़-सफ़ाई।
क्या आरती बैठकर कर सकते हैं?
परंपरा में आरती खड़े होकर की जाती है। पर बुज़ुर्ग या अस्वस्थ व्यक्ति बैठकर भी आरती कर सकते हैं, इसमें कोई दोष नहीं माना जाता।
Om Jai Lakshmi Mata aarti lyrics फ़ोन में कैसे रखें?
ऊपर दी गई आरती इमेज को डाउनलोड कर लें या इस पेज को बुकमार्क कर लें। दिवाली की भीड़ में किताब ढूँढने से यह आसान रहता है।
जय माँ लक्ष्मी। आपके घर में सदा दीपक की तरह उजाला बना रहे।

