Datta mantra “Digambara Digambara Shripad Vallabh Digambara” is the sound of Thursday evenings in countless Maharashtrian and Karnataka homes. If you grew up in Pune, Kolhapur or Belgaum, you have probably heard it from the building’s bhajan mandal, with a harmonium slightly out of tune and everyone still singing with full heart.
Lord Dattatreya is worshipped as the combined form of Brahma, Vishnu and Mahesh, and above all as the Adi Guru. That is why Datta devotees don’t really “perform” his mantra. They simply keep repeating his name, the way you keep calling out to someone you trust.
In pictures you will usually see him with three heads and six hands, standing near an audumbar tree with a cow behind him and four dogs at his feet. Elders explain the cow as Mother Earth and the four dogs as the four Vedas, though you will hear other explanations too. My Kolhapuri neighbour’s aaji says it more simply: “Datta is the guru who never leaves your side, like those dogs.”
This page gives the Digambara namasmaran in Marathi-Hindi with its meaning, the Datta Gayatri, the famous “Aadau Brahma” shloka, the Datta beej mantra, a simple Thursday jaap routine and the Datta Jayanti 2026 date.
विषय सूची | Table of Contents
Datta Mantra Lyrics | दिगंबरा दिगंबरा नामस्मरण
दिगंबरा दिगंबरा
श्रीपाद वल्लभ दिगंबरा॥
यही दो पंक्तियां बार-बार गाई जाती हैं। कोई 108 बार गाता है, कोई पूरी रात के भजन में इसे ही दोहराता रहता है। अंत में ज़ोर से जयघोष होता है: “श्री गुरुदेव दत्त!”
अर्थ सहित | शब्दों का अर्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| दिगंबर | जिनका वस्त्र स्वयं दिशाएं हैं, यानी जो हर बंधन और दिखावे से मुक्त हैं |
| श्रीपाद | जिनके चरण शुभ और पूजनीय हैं |
| वल्लभ | प्रिय; श्रीपाद श्रीवल्लभ को दत्त संप्रदाय में भगवान दत्तात्रेय का पहला अवतार माना जाता है |
अर्थ: हे दिगंबर दत्तात्रेय, हे श्रीपाद श्रीवल्लभ रूप में प्रकट होने वाले प्रभु, आपको बार-बार पुकारता हूँ। यह कोई मांग वाला मंत्र नहीं, बस गुरु को याद करने का तरीका है।
Transliteration: Digambara Digambara, Shripad Vallabh Digambara.
Other Datta Mantras | दत्त गायत्री और दत्त श्लोक
दत्त गायत्री मंत्र
ॐ दिगम्बराय विद्महे अवधूताय धीमहि।
तन्नो दत्तः प्रचोदयात्॥
अर्थ: हम दिगंबर प्रभु को जानते हैं, अवधूत रूप का ध्यान करते हैं। वे भगवान दत्त हमारी बुद्धि को सही दिशा में प्रेरित करें।
आदौ ब्रह्मा श्लोक
आदौ ब्रह्मा मध्ये विष्णुरन्ते देवः सदाशिवः।
मूर्तित्रयस्वरूपाय दत्तात्रेयाय नमोऽस्तु ते॥
अर्थ: जो आरंभ में ब्रह्मा, मध्य में विष्णु और अंत में सदाशिव हैं, उन त्रिमूर्ति स्वरूप भगवान दत्तात्रेय को नमस्कार है।
दत्त बीज मंत्र
ॐ द्रां दत्तात्रेयाय नमः॥
अर्थ: “द्रां” दत्तात्रेय का बीज अक्षर माना जाता है। ॐ और बीज के साथ भगवान दत्तात्रेय को नमस्कार। बीज मंत्र का नियमित अनुष्ठान करना हो तो किसी जानकार से एक बार ज़रूर पूछ लें; नामस्मरण के लिए कोई नियम-बंधन नहीं है।
Datta Mantra Image | दत्त मंत्र इमेज
Here is the Datta mantra as an image, which you can save or download for your phone wallpaper or the devghar.

गुरुवार की दत्त जाप विधि | Thursday Routine
गुरुवार दत्त भक्ति का दिन है। नीचे की विधि बहुत सरल है, और यही इसकी खूबसूरती है।
आसन
साफ़ जगह पर कुश या ऊनी आसन बिछाएं। दत्त महाराज की तस्वीर या पादुका सामने रखें।
दीपक और फूल
घी का दीपक, अगरबत्ती और पीले फूल। कई घरों में गूलर (औदुंबर) के पत्ते भी चढ़ाते हैं, क्योंकि औदुंबर वृक्ष को दत्त का निवास माना जाता है।
जाप
पहले “आदौ ब्रह्मा” श्लोक, फिर 108 बार “दिगंबरा दिगंबरा” या दत्त गायत्री। रुद्राक्ष या तुलसी की माला ले सकते हैं। घर में सब साथ बैठें तो ताल देकर गाएं, इसमें अलग ही आनंद है।
भोग
गुड़-चने, खीर या घर में जो सात्विक बना हो। कई भक्त गुरुवार को एक समय भोजन करते हैं और किसी ज़रूरतमंद को खाना खिलाते हैं।
If mornings are rushed, chant the Digambara namasmaran while getting ready. Many people also begin the day with the Karagre Vasate morning mantra and add eleven rounds of Digambara after it. Small and regular beats long and rare.
Datta Jayanti 2026 | दत्त जयंती
दत्त जयंती मार्गशीर्ष पूर्णिमा को मनाई जाती है। 2026 में यह 23 दिसंबर को है (स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथि में अंतर हो सकता है)। इससे पहले के सात दिनों में बहुत से घरों में गुरुचरित्र का पारायण होता है, और जयंती की शाम पालना और भजन होते हैं। गाणगापुर, नरसोबाची वाडी और औदुंबर जैसे दत्त क्षेत्रों में इस दिन बड़ी भीड़ रहती है।
स्वामी समर्थ महाराज को भी दत्त परंपरा में दत्तात्रेय का अवतार माना जाता है। उनके भक्त अक्सर Swami Samarth Tarak Mantra का पाठ भी दत्त नामस्मरण के साथ करते हैं।
Datta Mantra Benefits | दत्त मंत्र के फायदे
- भक्तों का मानना है कि दत्त नामस्मरण से मन स्थिर होता है और अकेलेपन में भी गुरु साथ होने का भाव रहता है।
- दत्तात्रेय को गुरु तत्व माना जाता है, इसलिए पढ़ाई, साधना या जीवन में सही मार्गदर्शन के लिए यह जाप किया जाता है।
- परंपरा में माना जाता है कि पितृ दोष और घर की अशांति में दत्त उपासना से राहत मिलती है।
- श्रीमद्भागवत में अवधूत के 24 गुरुओं की कथा आती है, जिन्हें परंपरा दत्तात्रेय मानती है। यह जाप हमें भी हर चीज़ से सीखने का स्वभाव देता है।
FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दिगंबरा दिगंबरा का अर्थ क्या है?
दिगंबर का अर्थ है जिनका वस्त्र दिशाएं हैं। “दिगंबरा दिगंबरा श्रीपाद वल्लभ दिगंबरा” में भगवान दत्तात्रेय और उनके अवतार श्रीपाद श्रीवल्लभ को पुकारा जाता है।
Which day is best for chanting Datta mantra?
Thursday (Guruvar) is considered the day of Lord Dattatreya, and Datta Jayanti on Margashirsha Purnima is the biggest day of the year. But namasmaran can be done any day, any time.
Datta Jayanti 2026 kab hai?
Datta Jayanti 2026 falls on 23 December 2026, on Margashirsha Purnima.
क्या बिना गुरु दीक्षा के दत्त मंत्र जप सकते हैं?
हाँ, नामस्मरण और दत्त गायत्री कोई भी श्रद्धा से जप सकता है। भक्तों के लिए दत्त स्वयं गुरु हैं। केवल बीज मंत्र के विशेष अनुष्ठान के लिए मार्गदर्शन लेना अच्छा रहता है।
गुरुचरित्र पारायण क्या है?
गुरुचरित्र दत्त संप्रदाय का प्रमुख ग्रंथ है, जिसमें श्रीपाद श्रीवल्लभ और श्री नृसिंह सरस्वती के चरित्र का वर्णन है। कई भक्त इसे सात दिनों में पढ़ते हैं, जिसे सप्ताह पारायण कहते हैं। पारायण के नियम घर-घर में थोड़े अलग होते हैं, इसलिए अपने बड़ों से पूछकर करें।
श्री गुरुदेव दत्त।

