Kaal Bhairav mantra is something I first heard properly outside the Kaal Bhairav temple in Kashi. The pujari tied a black thread on my wrist and said, “Kashi aaye ho, toh pehle kotwal se milo.” In Varanasi people believe your Vishwanath darshan is not complete until you have bowed to Bhairav baba, the kotwal or guardian of the city.
Kaal Bhairav is the fierce form of Lord Shiva. The name has two parts: काल means time (and death), and भैरव is the one whose very name removes fear. So devotees turn to him when fear, enemies, court matters or a heavy, stuck feeling hang over life.
His roop looks scary to some people. For his bhakts, though, he is a deeply protective, almost fatherly deity.
Here you will find the simple Kaal Bhairav mantra for daily jaap, the Batuk Bhairav mantra, the first and last shlokas of the Kaal Bhairav Ashtakam with Hindi meaning, and an easy puja vidhi for Kalashtami.
विषय सूची | Table of Contents
- Kaal Bhairav Mantra Lyrics | काल भैरव मंत्र
- Kaal Bhairav Ashtakam | कालभैरवाष्टक अर्थ सहित
- Kaal Bhairav Mantra Image | काल भैरव मंत्र इमेज
- कब करें भैरव जाप | Kalashtami aur Kaal Bhairav Jayanti
- Kaal Bhairav Puja Vidhi | जाप विधि
- Kaal Bhairav Mantra Benefits | काल भैरव मंत्र के फायदे
- सावधानियां | Things to Keep in Mind
- FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Kaal Bhairav Mantra Lyrics | काल भैरव मंत्र
गृहस्थ जीवन जीने वालों के लिए सबसे सरल मंत्र भैरव जी का नाम मंत्र है। इसे कोई भी श्रद्धा से जप सकता है:
ॐ कालभैरवाय नमः॥
अर्थ: ॐ, भगवान कालभैरव को मेरा नमस्कार है। छोटा सा मंत्र है, पर भाव यह है कि “हे समय के भी स्वामी, मैं आपकी शरण में हूँ।”
Transliteration: Om Kaalbhairavaya Namah.
बटुक भैरव मंत्र | Batuk Bhairav Mantra
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय
कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं॥
अर्थ: बटुक भैरव, भैरव जी का बाल और सौम्य रूप हैं। इस मंत्र में उनसे प्रार्थना है कि हे बटुक भैरव, आप आपदाओं से उद्धार करने वाले हैं, मेरा भी उद्धार कीजिए। “ह्रीं” इसका बीज अक्षर है।
एक बात साफ़ कह दूँ। कई जानकार मानते हैं कि बीज अक्षर वाले मंत्रों का लंबा अनुष्ठान किसी गुरु के मार्गदर्शन में ही करना चाहिए। अगर आपके कोई गुरु नहीं हैं, तो नाम मंत्र और कालभैरवाष्टक का पाठ बिना किसी डर के करें।
Kaal Bhairav Ashtakam | कालभैरवाष्टक अर्थ सहित
आदि शंकराचार्य द्वारा रचित माना जाने वाला कालभैरवाष्टक काशी के हर भैरव भक्त की ज़ुबान पर रहता है। इसके आठ श्लोक हैं और अंत में फलश्रुति है। यहाँ पहला श्लोक और फलश्रुति दी जा रही है, जो सबसे ज़्यादा पढ़े जाते हैं।
पहला श्लोक
देवराजसेव्यमानपावनाङ्घ्रिपङ्कजं
व्यालयज्ञसूत्रमिन्दुशेखरं कृपाकरम्।
नारदादियोगिवृन्दवन्दितं दिगम्बरं
काशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे॥
अर्थ: जिनके पवित्र चरण-कमलों की सेवा देवराज इंद्र करते हैं, जिन्होंने सर्प को यज्ञोपवीत (जनेऊ) की तरह धारण किया है, जिनके मस्तक पर चंद्रमा है, जो कृपा की खान हैं, नारद आदि योगियों का समूह जिनकी वंदना करता है और जो दिगम्बर हैं, उन काशी नगरी के स्वामी कालभैरव को मैं भजता हूँ।
Transliteration: Devaraja Sevyamana Pavananghri Pankajam, Vyala Yajna Sutram Indu Shekharam Kripakaram, Naradadi Yogivrinda Vanditam Digambaram, Kashika Puradhinatha Kalabhairavam Bhaje.
फलश्रुति
कालभैरवाष्टकं पठन्ति ये मनोहरं
ज्ञानमुक्तिसाधनं विचित्रपुण्यवर्धनम्।
शोकमोहदैन्यलोभकोपतापनाशनं
प्रयान्ति कालभैरवाङ्घ्रिसन्निधिं नरा ध्रुवम्॥
अर्थ: जो लोग इस मनोहर कालभैरवाष्टक का पाठ करते हैं, जो ज्ञान और मुक्ति का साधन है, अनेक प्रकार के पुण्य बढ़ाता है और शोक, मोह, दीनता, लोभ, क्रोध तथा ताप का नाश करता है, वे निश्चित ही कालभैरव के चरणों के सान्निध्य को प्राप्त होते हैं।
Kaal Bhairav Mantra Image | काल भैरव मंत्र इमेज
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कब करें भैरव जाप | Kalashtami aur Kaal Bhairav Jayanti
हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कालाष्टमी कहते हैं, और भैरव उपासना के लिए यह सबसे अच्छा दिन माना जाता है। साल में सबसे बड़ा दिन काल भैरव जयंती है, जो मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी (दिसंबर 2026 की शुरुआत में) पड़ेगी (स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथि में अंतर हो सकता है)। इसके अलावा बहुत से भक्त रविवार या मंगलवार को भी भैरव जी का दीपक जलाते हैं।
| पाठ / मंत्र | कौन कर सकता है | कितनी बार |
|---|---|---|
| ॐ कालभैरवाय नमः | कोई भी भक्त | रोज़ 108 बार (1 माला) |
| कालभैरवाष्टक | कोई भी भक्त | 1 या 3 पाठ |
| बटुक भैरव मंत्र | गुरु मार्गदर्शन में बेहतर | गुरु के बताए अनुसार |
Kaal Bhairav Puja Vidhi | जाप विधि
आसन और दिशा
काले या लाल ऊनी आसन पर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें। कमरे में शांति हो तो अच्छा है, वरना मंदिर के एक कोने में भी बैठ सकते हैं।
माला
रुद्राक्ष की माला भैरव जाप के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है। माला न हो तो उंगलियों पर गिनती कर लें, भाव माला से बड़ा है।
दीपक और भोग
सरसों के तेल का दीपक जलाएं। काशी में भैरव जी को इमरती, जलेबी, उड़द के बड़े और नारियल का भोग खूब लगता है। घर पर इनमें से जो भी बन सके, वही चढ़ा दें।
कुत्ते को रोटी
काला कुत्ता भैरव जी का वाहन माना जाता है। कालाष्टमी पर किसी गली के कुत्ते को रोटी या दूध देना बहुत सी जगहों पर पूजा का ही हिस्सा है। मेरे मोहल्ले की एक आंटी हर अष्टमी को चुपचाप चार रोटियां ज़्यादा बनाती हैं, बस इसी के लिए।
Kaal Bhairav Mantra Benefits | काल भैरव मंत्र के फायदे
- भक्तों का मानना है कि भैरव जाप से मन का अनजाना डर और घबराहट कम होती है।
- शास्त्रों के अनुसार भैरव जी काशी के रक्षक हैं, इसलिए उन्हें संकट और शत्रु बाधा से रक्षा करने वाला माना जाता है।
- कई लोग शनि और राहु से जुड़ी परेशानियों में भी भैरव उपासना करते हैं। शनिवार को साथ में Shani mantra पढ़ने की परंपरा भी कई घरों में है।
- Devotees believe regular chanting brings discipline, since Bhairav is also the lord of time.
सावधानियां | Things to Keep in Mind
- भैरव उपासना किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए कभी न करें। यह रक्षा की साधना है।
- उज्जैन जैसे कुछ मंदिरों में मदिरा चढ़ाने की परंपरा है, पर वह मंदिर की विशेष परंपरा है। घर की पूजा में इसकी कोई ज़रूरत नहीं।
- जाप के दिन सात्विक भोजन करें और मन में क्रोध न रखें।
- डर दिखाकर महंगे “उपाय” बेचने वालों से बचें। नाम जप और सच्चा भाव ही सबसे बड़ा उपाय है।
FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
काल भैरव का सबसे सरल मंत्र कौन सा है?
“ॐ कालभैरवाय नमः” सबसे सरल और सबके लिए उपयुक्त मंत्र है। इसे रोज़ 108 बार या कम से कम 11 बार जप सकते हैं।
Can women chant Kaal Bhairav mantra?
Yes. Women can chant the Kaal Bhairav mantra and read the Ashtakam with full devotion. Many women in Kashi visit the Bhairav temple every Sunday and Tuesday.
कालाष्टमी कब होती है?
हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी होती है। सही तारीख अपने स्थानीय पंचांग में देख लें।
काल भैरव और बटुक भैरव में क्या अंतर है?
दोनों शिव के ही भैरव रूप हैं। काल भैरव उग्र और रक्षक रूप हैं, जबकि बटुक भैरव बाल रूप हैं जिन्हें सौम्य और जल्दी प्रसन्न होने वाला माना जाता है।
Should I keep a Kaal Bhairav idol at home?
Many families prefer worshipping the fierce form at a temple and keep only a small picture at home, often of Batuk Bhairav. If your family already has a tradition, follow it.

