Karwa Chauth puja mantra searches go up every October, and I understand why. The fast itself is something most women have watched their mothers keep for years, but the exact words of the sankalp and the chand arghya mantra are easy to forget from one year to the next. My mother-in-law keeps hers on a folded chit inside the puja thali. Now it lives here too.
Karwa Chauth, also called Karak Chaturthi, falls on Kartik Krishna Chaturthi. Married women fast from sunrise till moonrise for their husband’s long life, and in many families unmarried girls keep it too.
Below are all the main mantras with Hindi meaning, the full puja sequence from sargi to moonrise, and a few practical niyam.
विषय सूची | Table of Contents
- Karwa Chauth 2026 Date | करवा चौथ 2026 कब है
- Karwa Chauth Puja Mantra | करवा चौथ के मंत्र अर्थ सहित
- Karwa Chauth Mantra Image | करवा चौथ मंत्र इमेज
- Karwa Chauth Puja Vidhi | सरगी से चाँद तक पूरी विधि
- Puja Samagri | पूजा सामग्री की सूची
- Vrat Ke Niyam | व्रत के नियम और सावधानियां
- FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Karwa Chauth 2026 Date | करवा चौथ 2026 कब है
इस साल करवा चौथ 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को है (स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथि में अंतर हो सकता है)। चाँद निकलने का समय हर शहर में अलग होता है, इसलिए अपने शहर का समय उसी दिन स्थानीय पंचांग या मंदिर से पता कर लें।
Karwa Chauth Puja Mantra | करवा चौथ के मंत्र अर्थ सहित
1. व्रत का संकल्प मंत्र
सुबह सरगी खाने और स्नान के बाद, हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर यह संकल्प बोलें:
मम सुखसौभाग्य पुत्रपौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये
करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये।
अर्थ: अपने सुख-सौभाग्य, संतान और परिवार की उन्नति तथा स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए मैं करक चतुर्थी का व्रत करूँगी।
2. माँ गौरी का मंत्र
शाम की पूजा में माँ पार्वती को यह मंत्र बोलकर फूल और सिंदूर चढ़ाएँ। यही इस व्रत का मुख्य मंत्र माना जाता है।
नमः शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संततिं शुभाम्।
प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे॥
अर्थ: हे शिवा, हे शर्वाणी, हे शिव की प्रिया, आपको नमस्कार। भक्ति से युक्त स्त्रियों को सौभाग्य और शुभ संतान प्रदान करें।
Namah Shivayai Sharvanyai Saubhagyam Santatim Shubham, Prayachchha Bhaktiyuktanam Narinam Haravallabhe.
3. शिव परिवार के नाम मंत्र
करवा चौथ की पूजा में पूरे शिव परिवार की पूजा होती है। हर देवता को उनका नाम मंत्र बोलकर रोली, अक्षत और फूल चढ़ाएँ:
ॐ गणेशाय नमः॥
ॐ नमः शिवाय॥
ॐ शिवायै नमः॥
ॐ षण्मुखाय नमः॥
अर्थ: क्रम से गणेश जी, भगवान शिव, माँ पार्वती और कार्तिकेय जी (छह मुख वाले) को नमस्कार।
4. चंद्रमा को अर्घ्य देने का मंत्र
चाँद निकलने पर करवे या लोटे से जल चढ़ाते हुए यह मंत्र बोलें:
गगनार्णवमाणिक्य चन्द्र दाक्षायणीपते।
गृहाणार्घ्यं मया दत्तं गणेशप्रतिरूपक॥
अर्थ: हे आकाश रूपी सागर के माणिक्य, दक्ष की पुत्रियों (नक्षत्रों) के स्वामी, गणेश जी के प्रतिरूप चन्द्रदेव, मेरे द्वारा दिया यह अर्घ्य स्वीकार करें।
यह श्लोक याद न रहे तो सिर्फ “ॐ सोमाय नमः” बोलकर भी अर्घ्य दिया जा सकता है।
Karwa Chauth Mantra Image | करवा चौथ मंत्र इमेज
करवा चौथ का मुख्य गौरी मंत्र इस इमेज में है। पूजा के समय आसानी रहे, इसलिए इसे अभी सेव या डाउनलोड कर लें।

Karwa Chauth Puja Vidhi | सरगी से चाँद तक पूरी विधि
- सरगी (सूर्योदय से पहले): सास की दी हुई सरगी में फल, मेवे, मिठाई और हल्का खाना होता है। पंजाबी घरों में फेनियाँ ज़रूर होती हैं। सरगी के बाद पानी पीकर व्रत शुरू होता है।
- संकल्प: स्नान करके ऊपर दिया संकल्प मंत्र बोलें।
- दिन भर: निर्जल व्रत की परंपरा है। दिन में मेहंदी, सोलह श्रृंगार की तैयारी और बहुत सी जगह सोने से भी परहेज़ किया जाता है।
- शाम की पूजा: दीवार पर करवा माता का चित्र बनाएँ या कैलेंडर लगाएँ। मिट्टी की गौरी या शिव परिवार की तस्वीर रखें। करवे में जल भरकर ऊपर दीया रखें।
- कथा: गौरी मंत्र से पूजा करके वीरावती की कथा सुनें। कई जगह महिलाएँ घेरा बनाकर थालियाँ बदलती हैं, जिसे “थाली फेरना” कहते हैं।
- चंद्र दर्शन: छलनी से पहले चाँद, फिर पति का चेहरा देखें। अर्घ्य मंत्र से जल चढ़ाएँ।
- पारण: पति के हाथ से पानी पीकर और मिठाई खाकर व्रत खोलें। बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लें।
वीरावती की कथा, संक्षेप में
कथा के कई रूप प्रचलित हैं, पर मूल बात यह है: सात भाइयों की इकलौती बहन वीरावती ने शादी के बाद पहला करवा चौथ मायके में रखा। शाम तक भूख-प्यास से वह बेहाल हो गई। भाइयों से देखा न गया, तो उन्होंने पेड़ के पीछे दीया जलाकर छलनी से ऐसा दिखाया मानो चाँद निकल आया हो। वीरावती ने व्रत खोल दिया और तभी पति के अस्वस्थ होने का समाचार मिला। उसने पूरे साल श्रद्धा से व्रत-पूजा की, और माना जाता है कि अगले करवा चौथ पर माँ की कृपा से उसका सुहाग लौट आया। इसीलिए कहा जाता है कि असली चाँद देखकर ही व्रत खोलें।
Karwa Chauth puja mantra और कथा दोनों का भाव एक ही है: धैर्य और श्रद्धा।
Puja Samagri | पूजा सामग्री की सूची
- मिट्टी या तांबे का करवा, ढक्कन सहित
- छलनी, दीया, घी और रुई की बाती
- रोली, सिंदूर, अक्षत, मौली, फूल
- गौरी और शिव परिवार की तस्वीर
- मिठाई, मठरी, फल और जल का लोटा
- श्रृंगार का सामान: चूड़ी, बिंदी, मेहंदी
Vrat Ke Niyam | व्रत के नियम और सावधानियां
- पूजा से पहले सोलह श्रृंगार करने की परंपरा है; लाल या सुहाग के रंग पहनें।
- कथा के समय बीच में न उठें और ध्यान से सुनें।
- काले और सफेद कपड़े पूजा में न पहनने की मान्यता है।
- गर्भवती महिलाएँ, डायबिटीज़ या किसी बीमारी वाली महिलाएँ निर्जल व्रत से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें। ऐसे में फलाहार या जल के साथ व्रत रखना भी पूरी तरह स्वीकार्य माना जाता है।
If you are working that day, keep the sargi a little heavier with dry fruits and coconut water, and try to finish office calls before the evening katha. Most of my friends in Gurgaon take a half day for exactly this reason.
FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Karwa Chauth puja mantra kaun sa hai?
मुख्य मंत्र “नमः शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संततिं शुभाम्। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे॥” है, जिससे माँ गौरी की पूजा होती है।
करवा चौथ 2026 में कब है?
29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को। चाँद निकलने का समय अपने शहर के अनुसार देखें।
क्या कुंवारी लड़कियाँ करवा चौथ का व्रत रख सकती हैं?
हाँ, कई परिवारों में अच्छे जीवनसाथी की कामना से कुंवारी लड़कियाँ भी यह व्रत रखती हैं। कई जगह वे चाँद की जगह तारों को देखकर व्रत खोलती हैं।
चाँद न दिखे तो क्या करें?
बादल हों तो चाँद निकलने के तय समय पर उसकी दिशा में अर्घ्य दे दें। कई लोग शिव जी के मस्तक के चंद्रमा को प्रणाम करके भी व्रत खोलते हैं।
पूजा के बाद कौन सी आरती गाएँ?
माँ गौरी की पूजा के बाद कई घरों में जय अम्बे गौरी आरती गाई जाती है।
सभी व्रती बहनों को करवा चौथ की शुभकामनाएँ। माँ गौरी आपका सौभाग्य बनाए रखें।

