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Navgrah Mantra: 9 Grah Beej Mantra Lyrics, Meaning & Vidhi

  • Pavitr Mantra
  • September 28, 2026
  • 2 min read
Navgrah Mantra: 9 Grah Beej Mantra Lyrics, Meaning & Vidhi

Navgrah mantra is one of those things almost every Hindu family has heard about, usually right after someone opens a kundli and says “grah thode kamzor hain.” The nine planets, or Navgrah, are Surya, Chandra, Mangal, Budh, Guru, Shukra, Shani, Rahu and Ketu. In our tradition they are not seen as enemies. They are devtas who carry out the results of our own karma, and chanting their mantras is a way of asking them for shanti.

My mother kept a small brass Navgrah yantra in the puja corner. She never did anything complicated with it. Every morning, after lighting the diya, she said one shloka for all nine grahas, and on Saturdays she added a little extra for Shani Dev. That one shloka is where we will begin.

Below you will find the Navgrah shanti shloka with Hindi meaning, the beej mantra of each planet, a simple table of day and jaap count, and an easy vidhi you can follow at home without a pandit.

यह श्लोक सभी नौ ग्रहों को एक साथ प्रणाम करता है। इसे रोज़ सुबह पूजा के अंत में बोला जा सकता है।

ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी
भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च।
गुरुश्च शुक्रः शनिराहुकेतवः
सर्वे ग्रहाः शान्तिकरा भवन्तु॥

अर्थ: ब्रह्मा जी, मुरारी (भगवान विष्णु), त्रिपुर का अंत करने वाले (भगवान शिव), सूर्य, चंद्रमा, भूमि-पुत्र मंगल, बुध, गुरु (बृहस्पति), शुक्र, शनि, राहु और केतु, ये सभी ग्रह मेरे लिए शांति देने वाले हों।

Transliteration: Brahma Murari Tripurantakari, Bhanuh Shashi Bhumisuto Budhashcha, Gurushcha Shukrah Shani Rahu Ketavah, Sarve Grahah Shantikara Bhavantu.

इस श्लोक की खास बात

ध्यान दीजिए कि श्लोक त्रिदेव से शुरू होता है और फिर ग्रहों पर आता है। यानी पहले उस शक्ति को प्रणाम, जिसके अधीन ग्रह भी हैं। इसलिए बहुत से लोग मानते हैं कि केवल ग्रहों से डरने की बजाय ईश्वर की शरण लेना ही असली नवग्रह शांति है।

अगर आपकी कुंडली में कोई खास ग्रह कमज़ोर या पीड़ित बताया गया है, तो उस ग्रह का तांत्रिक बीज मंत्र जपा जाता है। ये वही रूप हैं जो ज़्यादातर पंचांगों और पूजा-पुस्तकों में मिलते हैं।

सूर्य: ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
चंद्र: ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः
मंगल: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
बुध: ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
गुरु: ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
शुक्र: ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
शनि: ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
राहु: ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
केतु: ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः

अर्थ: हर मंत्र में “ॐ” के बाद उस ग्रह के तीन बीज अक्षर हैं, फिर “सः” और अंत में ग्रह के नाम के साथ “नमः”, यानी “हे अमुक ग्रह देव, आपको नमस्कार है।” बीज अक्षरों का शब्दार्थ नहीं होता, इन्हें ग्रह की शक्ति का ध्वनि-रूप माना जाता है।

Shani Dev ke liye alag se detail chahiye to hamara Shani Mantra post padh sakte hain.

नीचे दी गई Navgrah mantra image को आप save या download करके अपने फोन के wallpaper या पूजा स्थान पर रख सकते हैं।

नवग्रह शांति मंत्र - navgrah mantra image
नवग्रह शांति मंत्र – navgrah mantra image — image पर क्लिक करके download करें

यह तालिका परंपरागत रूप से प्रचलित जानकारी पर आधारित है। अलग-अलग ग्रंथों और ज्योतिषियों में जाप संख्या थोड़ी अलग मिल सकती है, इसलिए बड़े अनुष्ठान से पहले अपने आचार्य से ज़रूर पूछें।

ग्रह वार रंग अनुष्ठान जाप संख्या
सूर्य रविवार लाल / तांबई 7,000
चंद्र सोमवार सफेद 11,000
मंगल मंगलवार लाल 10,000
बुध बुधवार हरा 9,000
गुरु गुरुवार पीला 19,000
शुक्र शुक्रवार सफेद / क्रीम 16,000
शनि शनिवार काला / नीला 23,000
राहु शनिवार गहरा नीला 18,000
केतु शनिवार / मंगलवार धूसर (स्लेटी) 17,000

Don’t panic looking at 23,000. Ye puri sankhya ek din mein nahi, kai dinon mein ek sankalp ke saath poori ki jaati hai. Roz ki bhakti ke liye 1 mala (108) kaafi hai.

समय

सुबह स्नान के बाद, सूर्योदय के आसपास का समय सबसे अच्छा माना जाता है। किसी एक ग्रह का जाप कर रहे हैं तो उसी ग्रह के वार से शुरुआत करें, जैसे गुरु के लिए गुरुवार।

आसन और दिशा

ऊनी या कुश का आसन बिछाकर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें। ज़मीन पर सीधे बैठकर जाप न करें।

माला

सामान्य रूप से रुद्राक्ष की माला सभी ग्रहों के लिए चल जाती है। कुछ लोग सूर्य के लिए रक्तचंदन और गुरु के लिए हल्दी की माला भी रखते हैं, पर यह ज़रूरी नहीं है।

क्रम

  1. दीपक जलाएँ और गणेश जी का स्मरण करें।
  2. हाथ में जल लेकर मन में संकल्प करें कि आप किस ग्रह की शांति के लिए कितना जाप करेंगे।
  3. पहले ऊपर दिया गया नवग्रह शांति श्लोक 3 बार बोलें।
  4. फिर संबंधित ग्रह का बीज मंत्र कम से कम 108 बार जपें।
  5. अंत में ग्रह से जुड़ी वस्तु का दान करें, जैसे शनिवार को सरसों का तेल या गुरुवार को चने की दाल।

If you’re a working person with a 9 o’clock office, keep it simple: the shloka three times plus one mala on the planet’s day. Regularity matters more than size.

  • शास्त्रों के अनुसार ग्रहों की शांति से जीवन की रुकावटें कम होने लगती हैं।
  • मन में बेचैनी और डर कम होता है, ऐसा बहुत से साधकों का अनुभव है।
  • कुंडली के कमज़ोर ग्रह को बल मिलता है, यह माना जाता है।
  • रोज़ एक तय समय पर जाप करने से अनुशासन आता है, जो अपने आप में बड़ी बात है।
  • दान के साथ जाप करने से सेवा का भाव भी जुड़ जाता है।

नियम और सावधानियां

  • उच्चारण धीरे और साफ रखें। गलत उच्चारण से बेहतर है धीमा उच्चारण।
  • अनुष्ठान के दिनों में सात्विक भोजन करें और तामसिक चीज़ों से दूर रहें।
  • किसी के डराने पर महंगे उपाय न करें। सच्चे मन से जप और दान ही मूल उपाय है।
  • राहु-केतु के बड़े अनुष्ठान किसी जानकार आचार्य की देखरेख में ही करें।

FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या नवग्रह मंत्र रोज़ पढ़ सकते हैं?

हाँ। “ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी” वाला नवग्रह शांति श्लोक कोई भी व्यक्ति रोज़ पढ़ सकता है। इसके लिए किसी विशेष दीक्षा की ज़रूरत नहीं मानी जाती।

Can women chant Navgrah mantra?

Yes. Women chant the Navgrah shanti shloka in many homes every day. For long beej mantra anushthans, families usually follow their own guru’s advice.

एक साथ सभी नौ बीज मंत्र जप सकते हैं क्या?

रोज़ की पूजा में हर ग्रह का बीज मंत्र एक-एक बार बोला जा सकता है। लेकिन गिनती वाला अनुष्ठान आमतौर पर एक समय में एक ही ग्रह का किया जाता है।

नवग्रह मंत्र का जाप किस दिन शुरू करें?

जिस ग्रह का जाप करना है, उसी के वार से शुरुआत करना परंपरा में शुभ माना जाता है। सभी ग्रहों के लिए सामान्य श्लोक किसी भी दिन से शुरू किया जा सकता है।

क्या बिना माला के जाप हो सकता है?

रोज़ के छोटे जाप के लिए उंगलियों पर गिनती भी चल जाती है। संख्या वाले अनुष्ठान में माला रखना बेहतर है ताकि गिनती सही रहे।

ग्रह अपना काम करते हैं, हम अपना करें। श्रद्धा से जप करें और बाकी भगवान पर छोड़ दें।

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Pavitr Mantra

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